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मंसूबा
योजना, साज़िश, षड्यंत्र, संकल्प, प्लान, स्कीम, इरादा, विचार, ठानना, बांधना, जोड़-तोड़, शतरंज की सातवें बाज़ी का नाम
तौहीन-ए-'अदालत
कोई ऐसा शब्द कह देना या ऐसा काम करना जिससे न्यायालय की अपमान पाई जाती हो, किसी न्यायालय का अपमान
चिलमन
एक प्रकार का पर्दा जो बाँस की तीलियों से बनाया जाता है; चिक, बाँस की फट्टियों आदि का पर्दा जो खिड़कियों, दरवाजों आदि के आगे लटकाया जाता है
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"परिभाषिक" से संबंधित उर्दू शब्द, परिभाषाओं, विवरणों, व्याख्याओं और वर्गीकरणों की सूची
इदराकिया
(शाब्दिक) इदराक (बोध) से संबद्ध, (पारिभाषित) पत्र के वह लेख जो पत्र पावक के विषय से अवगत होने और उस पर सूचना प्राप्त करने की अभिव्यक्ति में लिखा जाए, जैसे: सूचना प्राप्त हुई थी या स्थिति का पता चला था आदि, प्राप्ति सूचना, अभिस्वीकृति, पावती
कलिमा
(तसव्वुफ़) माहीअत और अयान सा बत्ता और हक़ायक़ और मौजूदात-ए-ख़ा रजिया में से हर माहीयत और ऐन-ए-सा बत्ता और हक़ीक़त और मौजूद ख़ारिजी यानी हर हर मुतय्यन को कलिमा कहते हैं
किरातना
(लफ़ज़न) झाड़ना, रगड़ना , (ईस्तलाहन) ढले हुए बर्तन के खुरदुरे पिन को खराद पर चढ़ाने से क़बल सोहन से रगड़ कर कम करना
गंदुम-नुमा-जौ-फ़रोश
गेहूँ दिखाकर जौ तौलनेवाला, छली, वंचक, ठग, मक्कार, दग़ाबाज़, धोके बाज़, फरेबी, चालबाज़, शातिर
गौनी
साहित्य में अस्सी प्रकार की लक्षणाओं में से एक जिसमें किसी पद का अर्थ केवल गुण, रूप आदि के सादृश्यवाले (उसके कार्य, कारण या अंगांगी भाववाले संबंध से भिन्न) तत्त्व से निक लता है
टाँग
पाँव, पैर, लात, प्राणी की जाँघ से लेकर एड़ी तक का भाग; वह अंग जिससे प्राणी चलते-फिरते और दौड़ते हैं, कुश्ती का एक पेंच जिसमें विपक्षी की टाँग में टाँग अड़ाकर उसे चित गिराते हैं
तक़्ती'
(उरूज़) शेअर के अजज़ा को बहर के मुक़र्रर अजज़ा के साथ बराबर कर के जांचना यानी बैत के मुतहर्रिक-ओ-साकन हर्फ़ों को बहर के मुतहर्रिक-ओ-साकन हर्फ़ों के मुक़ाबिल करना, वज़न करना
तख़रिजा
(तारीख़ गोई) किसी ऐसे हर्फ़ फ़िक़रे या मिसरे से जिस से तारीख़ के आदाद अदद मतलूब से ज़्यादा निकलते हूँ ज़ाइद अदद कम करने का इशारा करना, मसलन अलम के अदद (७१) हैं और मतलूब हैं(७०) इस सूरत में पहले मिसरे में सर अलम काटने का ज़िक्र किया जाये तो अलम के सर यानी अलिफ़ के अदद कम करने की जानिब इशारा हो जाएगा और अदद मतलूब (७०) हासिल होगा उसी को तख़र्रुजा कहते हैं
तदाख़ुल
(तारीख़) किसी ज़माना मुद्दत मज़हब या तहज़ीब का दूसरे ज़माना मुद्दत या तहज़ीब से इबतिदाई मिलाप या टुकड़ाऊ
तनाफ़ुर
(इलम मआनी) कलिमे या कलाम में ऐसे हुरूफ़ का इजतिमा जिन के तलफ़्फ़ुज़ से सक़ल पैदा हो और कानों को नागवार गुज़रे
तयम्मुम
पवित्र होने का आशय करना, पानी से वज़ू या गुस्ल करने के बजाए मुंह और हाथों का पाक पिट्टी से मासह करना
तर्क-ए-मुवालात
(लफ़ज़न) मेल जोल और आप की इमदाद तर्क कर देना अदम तआवुन (ईस्तलाहन) वो सयासी तहरीक जो अंग्रेज़ी हुकूमत से तआवुन तर्क करने के लिए हिंदूस्तान में कांग्रेस ने चलाई थी
तरक़्क़ी-पसंद
(पारिभाषिक रूप में) कलाकारों (विशेष रूप से लेखकों) का एक समूह जो प्राचीन परंपराओं (साहित्य, कला, आदि) के बजाय आधुनिक विचारों और मानवता के अग्रणी हैं, एक साहित्यिक दल जो साम्यवादी विचारों का प्रचारक और देश में साम्यवाद का हामी है
तलमीह
इशारा, किनाया, किसी की ओर उचटती हुई दृष्टि डालना, कविता, लेख या उपदेश आदि आदि में किसी घटना की ओर संकेत
तवाफ़ुक़
(हयातयात) मुवाफ़िक़त या मुताबिक़त का वो इंतिख़ाबी अमल जिस का इन्हिसार कश्मकश हयात पर होता है जिस में हर नसल में बैरूनी हालात का असर कमज़ोर को नीस्त वनाबूद करके गोया लाशऊरी तौर पर इन अफ़राद को मुंतख़ब कर लेता है जो किसी मुफ़ीद तग़य्युर की वजह से ज़िंदा रहने के ज़्यादा अहल होते हैं
तश्बीब
अग्नि प्रजव्लित करना, जवानी के ज़माने का वर्णन करना, जवानी या इशक़ के ज़माने का ज़िक्र करना, कसीदे में शुरू के शे’र जिनमें कोई दृश्य या किसी घटना का वर्णन होता है.
तस्कीन
सान्त्वना, ढाढ़स, तसल्ली, दिलासा, संतोष, इत्मीनान, रोग में कमी, इफ़ाक़ः, पीड़ा और दर्द में कमी, आराम
तस्वीर
वह कलापूर्ण रचना जिससे किसी वस्तु के बाहरी आकार-प्रकार या स्वरूप का ज्ञान होता हो, चित्र उतारना, खींचना, बनाना, रंग, कूँची आदि से बनाई जाने वाली किसी वस्तु, व्यक्ति या दृश्य की प्रतिकृति, चित्र, तसवीर, छवि, छाया, रूप, फ़ोटो, सरापा, मूत बनाना, चित्र खींचना, प्रतिकृति, छायाचित्र, आलोकचित्र, प्रतिमा, हालत
तहविया
(लफ़ज़न) हुआ देना, (ईस्तलाहन) ताज़ा हुआ देना, मकान में ताज़ा हुआ की आमद-ओ-रफ़त का इंतिज़ाम करना, अंग: Ventilatio
ता'क़ीद
इस तरह पर्दे में बात करना कि समझ में न आये, बहुत सी गाँठे डाल देना, किसी वाक्य में शब्दों का ऐसा उलट-फेर कर देना कि अर्थ समझने में कठिनाई हो
तानीस-ए-मा'नवी
व्याकरण: एक संज्ञा जिसमें कोई स्त्रीलिंग चिन्ह नहीं होता है लेकिन भाषाविद् इसे स्त्रीलिंग कहते हैं
ता'लील
(क़वाइद) हर्फ़-ए-इल्लत को ज़ाइल करना या बदल देना या किसी लफ़्ज़ के हर्फ़-ए-इल्लत को साकन या हज़फ़ करके इस में तख़फ़ीफ़ करना और तबदीली की वजह बयान करना
तासीस
(उरूज़) वो साकन अलिफ़ जिस के और हर्फ़ रवी के दरमयान एक मुतहर्रिक हर्फ़ वास्ता हो जैसे ख़ावर और बावर का अलिफ़
नसीब
वो कविता जिसमें सौंदर्य और प्रेम का उल्लेख हो (परिभाषित) कसीदे की भूमिका जिसमें प्रेम या सौन्दर्य और युवा अवस्ता के शीर्षक बयान किए जाते हैं, तशबीब
ना-कर्दनी
न करने के लायक़, (पारिभाषिक रूप से) जिस का करना नैतिक रूप से उचित और वैध, क़ानूनी और धार्मिक रूप से जायज़ और सही न हो, जो करने के योग्य न हो, जिसका करना उचित न हो, अकरणीय
नाम रखना
۔ नामज़द करना। २। बच्चे का कोई नाम मुईन करना। ३। ऐब गेरी करना। बुरा भला कहना। ताना देना। बदनाम करना। इल्ज़ाम रखना। ५। (दूकानदारों की इस्तिलाह) मूल कहना। क़ीमत लगाना
पंज-अर्कान
मुसलमानों की पाँच धार्मिक कृतियाँ: (सुन्नी) कलिमः, नमाज, रोज़ा, ज़कात और हज, (शीआ) नमाज़ के पांच अनिवार्य कृतियाँ: नीयत, तकबीर-ए-अल-अहराम, क़ियाम, रुकू, सजदे
परत
किसी प्रकार के तल या स्तर का ऐसा विस्तार जो किसी दूसरी चीज के तल या स्तर पर कुछ मोटे रूप में चढ़ा, पड़ा या फैला हुआ हो, तह, जैसे-सफाई न होने के कारण पुस्तकों पर धूल की एक परत चढ़ चुकी थी, क्रि० प्र०-चढ़ना, पड़ना
पानी हो जाना
۔ ۱۔ पुतला होजाना। पिघल जाना। २। कुंद होजाना। ३। नरम होजाना। मुलाइम होजाना। ४। सर्द होजाना। तेज़ी जाती रहना ५। दुशवार काम का आसान होजाना। (फ़िक़रा) आप के वास्ते मुश्किल से मुश्किल काम पानी है। ६। ग़ुस्सा जाता रहना। नरम पड़ जाना। धीमा होना। श्रम से पसीने पसीने होजाना। शर्मा जाना। इस जगह बेशतर पानी पानी होना बोलते हैं।७। ख़राब होजाना। (मुर्ग़ बाज़ों की इस्तिलाह) मुर्गों का बाहम लड़ जाना। झड़प होजाना।
फेरा
परिक्रमा; चक्कर, तवाफ़, गश्त करना, गशत, चक्कर, फेरा, हेराफेरी, हलक़ा, दायरा, अहाता घेरा, घर घर जा कर सामान बेचना, देवी-देवता आदि की की जाने वाली परिक्रमा, प्रदक्षिणा
फुलकी
बेसिन या पिसी हुई दाल वग़ैरा का पानी में घोल कर नमक मिर्च और ज़ीरा और हरा धन्य वग़ैरा मिला कर तेल या घी में तिला जाने वाला नमकीन पकवान जो तलने से फूल जाता है, पकौड़ी
मु'अद्दिलुन्नहार
(जुग़राफ़िया) आसमान पर वो फ़र्ज़ी दायरा जो ख़त-ए-इस्तिवा की सीध में है, सूरज जब इस पर आता है तो दिन रात बराबर होते हैं
मक्तूब
(इस्तिलाह इंशा) जो तहरीरें वुज़रा-ओ-उमरा-ए-से इलाक़ा रखती हैं इन को मकतूब कहते हैं छोटा बड़े को लिखे तो अरीज़ा और बड़ा छोटे को लिखे तो रुका
मुक़व्वा
शाब्दिक: मजबूत किया गया, परिभाषित: गत्ते या दफ़्ती का बना हुआ बक्स या फोल्डर जिस में काग़ज़ात रखते हैं, तबलक़
मुकस्सिर
इकट्ठा करने वाला, संग्रह करने वाला, संग्रहिता, संपादक, (पारिभाषिक) हदीस का इकट्ठा करने वाला, बहुत अधिक या प्रचुर मात्रा में हदीसों का संकलन करने वाला
मुकाशफ़ा
आत्मशक्ति द्वारा वह कुछ देखना, जो दूसरे नहीं देख सकते, खुले तौर पर शत्रुता करना, खुल्लमखुल्ला लड़ाई लड़ना
मुक़िर
अपनी ओर से कोई दस्तावेज या लेखा प्रस्तुत करके उस पर हस्ताक्षर करने वाला, लेख्य का लेखक, इकरार या प्रतिज्ञा करनेवाला, वचन देने वाला, वादा करने वाला, स्वीकार करने वाला
मुज़ाहफ़
(उरूज़) वो (रुकन) जो सालिम ना रहा हो और इस में ज़हाफ़ि वाक़्य हो, वो कि जो अपनी असली हालत में ना रहा हो और इस में तग़य्युर किया गया हो, वो मिसरा या शेअर जिस में ज़हाफ़ि वाक़्य हुआ हो
मूठ
किसी उपकरण, यंत्र, शस्त्र आदि का वह भाग जहां से उसे पकड़ा या उठाया जाता है, जैसे-छाता, चक्की या तलवार की मूठ
मुत'अद्दी
वो क्रिया और कार्य जिनसे दूसरों को फ़ायदा पहुंचे, उड़ कर लगने वाला, एक से दूसरे पर असर करने वाला, एक दूसरे को लगने वाला, फैल जाने वाला (मर्ज़), हद से बढ़ने वाला, छूत का रोग
मुतक़ारिब
۔(ए।लुगवी मानी एक दूसरे से नज़दीक होने वाला।मुअन्नस।(इस्तिलाह इलम-ए-अरूज़) एक बहर का नाम।इस नाम की ये वजह है कि इस बहर में हर रुकन ख़ुमासी है और सब अरकान छोटे छोटे हैं और इस वजह से नज़दीक नज़दीक वाक़्य हैं
मुतबादिला
रुक : मुतबादिल , (उक़्लीदस) दो ख़ुतूत-ए-मुतवाज़ी पर गिरे हुए तीसरे ख़त के दोनों तरफ़ के दाख़िली ज़ावीए बशर्तिके वो मतसला ना हूँ
मुताशाबिहात
जिनके अर्थ छिपे हुए हों, अर्थात क़ुरआन के वह छंद जिसका वास्तविक अर्थ केवल ईश्वर के सिवाए कोई नहीं जानता है
मैदान
ऐसा विस्तृत क्षेत्र या भूखंड जो प्रायः समतल हो और जिस पर किसी प्रकार की वास्तु-रचना आदि न हो। दूर तक फैली। WEIG हुई सपाट जमीन। मुहा०-मैदान करना या छोड़ना = किसी काम के लिए बीच में कुछ जगह खाली छोड़ना। मैदान जाना-शौच आदि के लिए, विशेषतः बस्ती के बाहर उक्त प्रकार के स्थान में जाना। पद-खुले मैदान सब के सामने।
मुलम्मे'
(ए। बरोज़न मुसद्दस।चमकता हुआ दरहशां)सत१। गिलट क्या हुआ।सोना चांदी चढ़ाया हुआ।ख़ासदान पर चांदी का मुलम्मा था।३। क़लई ।तरह दिखावा। ज़ाहिरी टेप टाप। बनावट।(इस्तिलाह इलम-ए-अरूज़) एक ज़बान की पूरी नज़म में दूसरी ज़बान का एक मिसरा। या एक बैत या ज़्यादा मिला देना
मुस्तहसन
उत्तम, श्रेष्ठ, उम्दा, पुनीत, पवित्र, नेक, वो इ'बादत या प्रार्थना जो पैग़म्बर मोहम्मद ने उत्तम या श्रेष्ठ बताया हो
मुँह का कच्चा
۔ सिफ़त। मुज़क्कर। १।वो घोड़ा जो लगाम के झटके को ना सहार सके। नरम मुनह का घोड़ा। घोड़ा मुनह का कच्चा है लगामजो झटका ना दो। २।(मुर्ग़ बाज़ों की इस्तिलाह) असील मुर्ग़। ३।वो आदमी जिस की बात नाक़ाबिल एतबार हो। मुअन्नस के लिए मुनह की कच्ची
महव
(तसव्वुफ़) नाबूद होने और आदात-ओ-औसाफ़ बशरी के ज़ाइल करने को और अपने अफ़आल फे़अल हक़ में फ़ना कर देने को कहते हैं
मेहवरिया
महवर से मंसूब या मुताल्लिक़ (इस्तलाहा) एक लंबा एसबी रेशा जिस के ज़रीये उमूमन एसबी ख़लीए से इशारात या तहरीकों की तरसील होती है (अंग : Axon
मा-उल-हयात
۔(ए।मा अलहीवात।) मुज़क्कर।१।आब-ए-हयात।२।(कीमिया गुरों की (इस्तिलाह)एक मुरक्कब दवा जिस में शहद सुहागा घी होताहै और इस मुरक्कब को धात के कुशता में मिलाकर आग पर रखते हैं जिस से धात असली हालत पर है।
मिल्लत-फ़रोश
ईमान-धर्म बेचने वाला, सांसारिक लालच में धार्मिक कार्यों से दूर हो जाने वाला, धर्म और संप्रदाय से ग़द्दारी करने वाला
मिस्सी
मुसलमान वेश्याओं की एक रस्म जिसमें किसी कुमारी वेश्या को पहले-पहले समागम कराने के लिए उसे मिस्सी लगाते हैं। नथिया उतरने या सिर-ढकाई की रसम। उदा०-हमको आशिक लबों दन्दों का समझकर उसने रुक्का भेजा है कि हमारी मिस्सी।-कोई शायर।
मिस्सी करना
नोची के सर ढके जाने यानी सुहागन होने की ख़ुशी में बिरादरी की दावत देना और नाच करना, (तवाइफ़ों की इस्तिलाह) कसबियों में नथ उतरवाई की रस्म, नोची का अज़ाला-ए-बिक्र करना
लोट-पोट
۔(ह। लूथ कपोथ। थक कर। चोॗर। बेहोश। बदहवास) सिफ़त। १।आशिक़। फ़रेफ़्ता। वो जाली लूट के रूमाल जिन पर दिल लोटपोट है। २।मुज़्तरिब। बेक़रार। (बहनसी से या रंजोग़म से) वो अपनी जगह पर जा कर तो मारे हंसी के लोटपोट होगए होंगे
वादी-ए-ऐमन
शाब्दिक: सीधे हाथ की घाटी, वह घाटी जहाँ पैग़म्बर मूसा ने ईश्वर की आवाज़ को सूना था और उनको दिव्य की प्राप्ति हुई थी, तूर पहाड़ के आसपास का क्षेत्र
वाफ़र
۔(ए। बक्सर सोम) सिफ़त। बत्ता ।कसीर। बाफ़रात। कसरत से अलग़ारों २।(इस्तिलाह इलम उरूज)मुअन्नस। दायर।मुतल्लिफ़ा की पहली बहर का नाम
साबित
स्थिर, प्रमाणित, समग्र, पूरा, समूचा, दृढ़, मज़बूत, सिद्ध, सर्वमान्य, सच्चा, संपूर्ण, समस्त, जिसका सबूत या प्रमाण मिल चुका हो, जो खंडित न हुआ हो, जो पूर्ण इकाई के रूप में हो, अखंड
हद करना
۔۱۔ऐसी बात करना कि इस से आगे नामुमकिन हो। २।(क़स्साबों की इस्तिलाह) बहुत ज़्यादा ज़बह कर डालना
हफ़्ते गाँठना
(कुश्ती) हरीफ़ की दोनों बग़लों में से अपने हाथ निकाल कर उस की गर्दन दोनों हाथों से जकड़ लेना
हरी
(कहारों की इस्तिलाह) गाय भैंस का रास्ते में पड़ा हुआ गोबर (सवारी ले जाने में उगला कहार पीछे आने वाले कहार को आगाह करने के लिए ये कलिमा बोलता है
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क्या आप वास्तव में इन प्रविष्टियों को हटा रहे हैं? इन्हें पुन: पूर्ववत् करना संभव नहीं होगा