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आड़

ओट, पर्दा, वो चीज़ जिसके पीछे छुप रहें, रुकावट, बाधा,विघ्न, पीछे, बचने या छुपने के लिए.

अज़्मान

'अज़्म

प्रतिबद्धता, साहस, संकल्प, ठानना

तज्दीद

नवीनीकरण, रिन्यू, फिर से आरम्भ करना, नए सिरे से कोई काम करना नया करना

ए'तिमाद

किसी चीज़ पर पीठ टेकना, सहारा लेना, सहारा, भरोसा, विश्वास, यक़ीन

समा'अत

श्रवण, सुनना, श्रवण-शक्ति, सुनवाई, अदालती कारर्वाई, सुनने की शक्ति, सुनने की क्रिया या भाव

मंसूबा

योजना, साज़िश, षड्यंत्र, संकल्प, प्लान, स्कीम, इरादा, विचार, ठानना, बांधना, जोड़-तोड़, शतरंज की सातवें बाज़ी का नाम

'अदावत

दुश्मनी, वैर, शत्रुता, द्वेष

दिल-आज़ारी

सताना, कष्ट देना, कोई ऐसी बात कहना या करना जिससे किसी का दिल दुखे

तौहीन-ए-'अदालत

कोई ऐसा शब्द कह देना या ऐसा काम करना जिससे न्यायालय की अपमान पाई जाती हो, किसी न्यायालय का अपमान

रंजिश

मनोमालिन्य, मनमुटाव, वैमनस्य, किसी की ओर से मन में बैठा हुआ रंज

चिलमन

एक प्रकार का पर्दा जो बाँस की तीलियों से बनाया जाता है; चिक, बाँस की फट्टियों आदि का पर्दा जो खिड़कियों, दरवाजों आदि के आगे लटकाया जाता है

आज

वर्तमान दिन; आज का बीतता हुआ दिन, आज, आज का दिन, उपस्थित, वर्तमान समय, मौजूदा लम्हा, मौजूदा दिन, मौजूदा ज़माना, रोज़ जो गुज़र रहा है

सक़ाफ़त

संस्कृति, सभ्यता, शिष्टाचार

दिफ़ा'

रक्षा, बचाव, हिफ़ाज़त, प्रतिरक्षा

उल्फ़त

प्रेम, स्नेह, मोहब्बत, चाहत

ए'तिबार

भरोसा, विश्वास, साख, एतिबार, साख, धाक

रक़ीब

रक्षक, संरक्षक, देख-रेख करने वाला

ज़ीस्त

जीवन, ज़िंदगी

रश्क

ईर्ष्या, जलन, कुढ़न, डाह

शब

रात, रात्रि, रैन

फ़िराक़

वियोग, जुदाई, विरह, बिछोह, बिछड़ना

तग़ाफ़ुल

जान-बूझ कर की जाने वाली उपेक्षा या लापरवाही

आफ़्ताब

सूरज, सूर्य, रवि

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जाँकड़ा

झाड़ी, (रुक) झा नुक्कड़ (क़दीम)

आँसू तोड़

(ठग्गों कि इस्तिलाह) बेमौसम की बारिश जिसे ठग बदशगुनी समझ कर घर से नहीं निकलते

इदराकिया

(शाब्दिक) इदराक (बोध) से संबद्ध, (पारिभाषित) पत्र के वह लेख जो पत्र पावक के विषय से अवगत होने और उस पर सूचना प्राप्त करने की अभिव्यक्ति में लिखा जाए, जैसे: सूचना प्राप्त हुई थी या स्थिति का पता चला था आदि, प्राप्ति सूचना, अभिस्वीकृति, पावती

'इबादत

उपासना, आराधना, पूजा, बंदगी, तप, तपस्या

'उर्फ़

उपनाम, पुकारने का नाम

कैफ़

मस्ती, नशा

कल-जिब्भा

रुक: कल जिबह

कलिमा

(तसव्वुफ़) माहीअत और अयान सा बत्ता और हक़ायक़ और मौजूदात-ए-ख़ा रजिया में से हर माहीयत और ऐन-ए-सा बत्ता और हक़ीक़त और मौजूद ख़ारिजी यानी हर हर मुतय्यन को कलिमा कहते हैं

कादियाना

(सियास्यात) रुक : कादी मानी नंबर २ (इस्तिलाहात सियास्यात

कादी

जलाने वाला

कार-ए-ख़ैर

लड़की की शादी, भलाई का काम, नेक काम, लड़की की शादी

काले-बाल

स्याह बाल

किनायत

गुप्त बात, गुप्त संकेत, किनाय

किरातना

(लफ़ज़न) झाड़ना, रगड़ना , (ईस्तलाहन) ढले हुए बर्तन के खुरदुरे पिन को खराद पर चढ़ाने से क़बल सोहन से रगड़ कर कम करना

ख़त्त-ए-अज़रक़

-जामे जमशेद की रेखाओं में | से चौथी रेखा ।

ख़ुदा का बेटा

अर्थात इंसान

ख़ैफ़ा

(अदब) नस्र या नज़म में एक लफ़्ज़ मनक़ूत और दूसरा ग़ैर मनक़ूत लाना

खराई

सवेरे अधिक देर तक जलपान या भोजन न मिलने पर सरिक के कारण होनेवाले साधारण शारीरिक विकार

खसना

खिसकना, अपनी जगह से धीरे-धीरे हटना, भाग जाना

खिल्ली

गिलौरी

खौए लगना

(कुश्ती) अखाड़े की ज़मीन से कंधा छू जाना जो चित हो जाने या पिछड़ जाने का संकेत है, हार जाना

गंदुम-नुमा-जौ-फ़रोश

गेहूँ दिखाकर जौ तौलनेवाला, छली, वंचक, ठग, मक्कार, दग़ाबाज़, धोके बाज़, फरेबी, चालबाज़, शातिर

गाव-पछाड़

कुश्ती का एक पेंच जिसमें विपक्षी को गले से पकड़कर गिरा दिया जाता है

गौनी

साहित्य में अस्सी प्रकार की लक्षणाओं में से एक जिसमें किसी पद का अर्थ केवल गुण, रूप आदि के सादृश्यवाले (उसके कार्य, कारण या अंगांगी भाववाले संबंध से भिन्न) तत्त्व से निक लता है

गौहर गरजना

मोती में बाल गिरना

घुँघरु बाँधना

घुँघरु पहनना, नाचने की तैयारी करना, नाचने में शागिर्द करना

घाई

ओर, तरफ़

घोड़ा बढ़ जाना

घोड़े का सबक़त ले जाना

चीसा

(ज़नानों की इस्तिलाह) अच्छा

जुनून

उन्माद, विक्षिप्तता, पागलपन, दीवानगी, ख़बत, किसी भी चीज के लिए अत्यधिक प्यार और गहरा जुनून

जमहूरियत

प्रजातंत्र, लोकतंत्र, गणतन्त्र, जनतंत्र, जमहूरी हुकूमत, जम्हूर से संबंधित

जमाल

बहुत सुन्दर रूप, ख़ूबसूरती, सौंदर्य, सुन्दरता, हुस्न, रूप, जौबन, शोभा, माधुर्य, मुखकांति

जलता

आग, जलन, सोजिश, जलना

जसद

शरीर, देह, जिस्म, बदन, केसर, केसरिया, सुखा रक्त, बनी-इस्राईल की गौउशाला

झलका

(ज़नानों की इस्तिलाह) रुपया

झाईं-झप्पा

 

झारी

ट्वंटीदार बर्तन जिस की गर्दन लंबी हो, लौटा, बधना

झोल

(ग़ुंडों की इस्तिलाह) झगड़े की बात

टाँग

पाँव, पैर, लात, प्राणी की जाँघ से लेकर एड़ी तक का भाग; वह अंग जिससे प्राणी चलते-फिरते और दौड़ते हैं, कुश्ती का एक पेंच जिसमें विपक्षी की टाँग में टाँग अड़ाकर उसे चित गिराते हैं

टिल्वा

(बाज़ीगरी) नादान, अहमक़, (बतौर तहक़ीर) छोटा सा पिस्ता क़ुम आदमी

ठड़या

एक प्रकार का खड़ी निगालीवाला हुक्के का नैचा

ड्योढ़ा

(रियाज़ी) डेढ़ का पहाड़ा

ढामरा

पेट, उदर

त'अय्युन

निश्चय करना, ठहराना, एक मिक्दार मुक़र्रर करना, नियुक्ति, तैनाती, अस्ति, हस्ती

त'आरुफ़

 

तक़्ती'

(उरूज़) शेअर के अजज़ा को बहर के मुक़र्रर अजज़ा के साथ बराबर कर के जांचना यानी बैत के मुतहर्रिक-ओ-साकन हर्फ़ों को बहर के मुतहर्रिक-ओ-साकन हर्फ़ों के मुक़ाबिल करना, वज़न करना

तख़्ती

(कबूतरबाज़) कबूतर की छाती

तख़रिजा

(तारीख़ गोई) किसी ऐसे हर्फ़ फ़िक़रे या मिसरे से जिस से तारीख़ के आदाद अदद मतलूब से ज़्यादा निकलते हूँ ज़ाइद अदद कम करने का इशारा करना, मसलन अलम के अदद (७१) हैं और मतलूब हैं(७०) इस सूरत में पहले मिसरे में सर अलम काटने का ज़िक्र किया जाये तो अलम के सर यानी अलिफ़ के अदद कम करने की जानिब इशारा हो जाएगा और अदद मतलूब (७०) हासिल होगा उसी को तख़र्रुजा कहते हैं

तदाख़ुल

(तारीख़) किसी ज़माना मुद्दत मज़हब या तहज़ीब का दूसरे ज़माना मुद्दत या तहज़ीब से इबतिदाई मिलाप या टुकड़ाऊ

तन्वीम

सम्मोहन , सुझाव या दिशा द्वारा लई गई सोने की स्थिति

तनाफ़ुर

(इलम मआनी) कलिमे या कलाम में ऐसे हुरूफ़ का इजतिमा जिन के तलफ़्फ़ुज़ से सक़ल पैदा हो और कानों को नागवार गुज़रे

तपाँचा

 

तूमार

ढेर, अटाला

त'मीह

(तारीख़ गोई) मादा-ए-तारीख़ की कमी को किसी हर्फ़ या लफ़्ज़ या फ़िक़रे के इज़ाफे़ से पूरी करना

तयम्मुम

पवित्र होने का आशय करना, पानी से वज़ू या गुस्ल करने के बजाए मुंह और हाथों का पाक पिट्टी से मासह करना

तर्क-ए-मुवालात

(लफ़ज़न) मेल जोल और आप की इमदाद तर्क कर देना अदम तआवुन (ईस्तलाहन) वो सयासी तहरीक जो अंग्रेज़ी हुकूमत से तआवुन तर्क करने के लिए हिंदूस्तान में कांग्रेस ने चलाई थी

तरक़्क़ी-पसंद

(पारिभाषिक रूप में) कलाकारों (विशेष रूप से लेखकों) का एक समूह जो प्राचीन परंपराओं (साहित्य, कला, आदि) के बजाय आधुनिक विचारों और मानवता के अग्रणी हैं, एक साहित्यिक दल जो साम्यवादी विचारों का प्रचारक और देश में साम्यवाद का हामी है

तरकीब-बंद

 

तर्जी'

(नुजूम) सितारों का अपनी हरकत यानी मग़रिब से मशरिक़ की तरफ़ जाने में रजत करना

तराई

ढलाई

तलमीह

इशारा, किनाया, किसी की ओर उचटती हुई दृष्टि डालना, कविता, लेख या उपदेश आदि आदि में किसी घटना की ओर संकेत

तवाफ़ुक़

(हयातयात) मुवाफ़िक़त या मुताबिक़त का वो इंतिख़ाबी अमल जिस का इन्हिसार कश्मकश हयात पर होता है जिस में हर नसल में बैरूनी हालात का असर कमज़ोर को नीस्त वनाबूद करके गोया लाशऊरी तौर पर इन अफ़राद को मुंतख़ब कर लेता है जो किसी मुफ़ीद तग़य्युर की वजह से ज़िंदा रहने के ज़्यादा अहल होते हैं

तवारुद

परस्पर एक जगह उतरना, दो शाइरों के किसी शेर का मज्मून एक हो जाना भावसाम्य

तश्बीब

अग्नि प्रजव्लित करना, जवानी के ज़माने का वर्णन करना, जवानी या इशक़ के ज़माने का ज़िक्र करना, कसीदे में शुरू के शे’र जिनमें कोई दृश्य या किसी घटना का वर्णन होता है.

तशरीफ़ अर्ज़ानी फ़रमाना

बुजु़र्गी बख्शना, प्रतीकात्मक: किसी अमीर या बुज़ुर्ग का आना

तस्कीन

सान्त्वना, ढाढ़स, तसल्ली, दिलासा, संतोष, इत्मीनान, रोग में कमी, इफ़ाक़ः, पीड़ा और दर्द में कमी, आराम

तस्तीर

लिखना, लेखन-क्रिया, लकीरें खींचना रेखांकन, तहरीर, कलमबंद करना

तस्मिया

(फ़िक़्ह) (नमाज़ वग़ैरा में) 'बिस् उल़्ला-ए-अलर्रह॒मान-ए-अलरहीम' पढ़ना

तसलसुल

आवेग, अनुक्रम, कड़ी, निरंतरता, लगातारपन, लड़ी में लड़ी गूंथना, श्रृंखलाबद्ध

तसव्वुफ़

तसव्वुफ़ की वो किस्म जिसे हिंदू अपने मज़हबी अक़ाइद से मुत्तसिफ़ करते हैं

तसव्वुर

 

तस्वीर

वह कलापूर्ण रचना जिससे किसी वस्तु के बाहरी आकार-प्रकार या स्वरूप का ज्ञान होता हो, चित्र उतारना, खींचना, बनाना, रंग, कूँची आदि से बनाई जाने वाली किसी वस्तु, व्यक्ति या दृश्य की प्रतिकृति, चित्र, तसवीर, छवि, छाया, रूप, फ़ोटो, सरापा, मूत बनाना, चित्र खींचना, प्रतिकृति, छायाचित्र, आलोकचित्र, प्रतिमा, हालत

तसहीहा

वो रजिस्टर जिस में मुलाज़मीन की फ़हरिस्त और हुल्या लिखा जाता है

तहज्जुद

रात्री प्रार्थना, आधी रात के बाद की नमाज़, रात को जागना, रात में सो कर उठना

तहरीक

हरकत देना, हिलाना, गति देना

तहरीर

लिखाई; लिखावट; लेख-शैली

तहविया

(लफ़ज़न) हुआ देना, (ईस्तलाहन) ताज़ा हुआ देना, मकान में ताज़ा हुआ की आमद-ओ-रफ़त का इंतिज़ाम करना, अंग: Ventilatio

ता'क़ीद

इस तरह पर्दे में बात करना कि समझ में न आये, बहुत सी गाँठे डाल देना, किसी वाक्य में शब्दों का ऐसा उलट-फेर कर देना कि अर्थ समझने में कठिनाई हो

तानीस-ए-मा'नवी

व्याकरण: एक संज्ञा जिसमें कोई स्त्रीलिंग चिन्ह नहीं होता है लेकिन भाषाविद् इसे स्त्रीलिंग कहते हैं

ताबि'ईन

ताबई (रुक) की जमा

तारा डूबना

ज्योतिष: शुक्र ग्रह का अस्त होना, इस अवधी में हिंदू कोई शुभ काम नहीं करते

तारों की गिरा

 

ता'लील

(क़वाइद) हर्फ़-ए-इल्लत को ज़ाइल करना या बदल देना या किसी लफ़्ज़ के हर्फ़-ए-इल्लत को साकन या हज़फ़ करके इस में तख़फ़ीफ़ करना और तबदीली की वजह बयान करना

तासीस

(उरूज़) वो साकन अलिफ़ जिस के और हर्फ़ रवी के दरमयान एक मुतहर्रिक हर्फ़ वास्ता हो जैसे ख़ावर और बावर का अलिफ़

तिपाना

(ठग्गों की इस्तिलाह) मुराद देबी (देवी) की पूजा करना

तिर्कुना

(लफ़ज़न) तीन कोनों या गोशों वाला, (ईस्तलाहन) पन घड़ी का एक पुर्ज़ा

तौबा

पश्चाताप, पछतावा, ख़ुदा से क्षमा मांगना, पाप न करने की प्रतिज्ञा

नक़्द

नक़दी, कैश, नक़द

नत्थी-शुदा

۔(इस्तिलाह दफ़्तर) सिफ़त। मुंसलिका। शामिल

नथुनी उतरना

۱۔ नथुनी उतारना (रुक)का लाज़िम

नफ़्स-ए-अम्मारा

 

नवाई

किसी के आगे नम्र या विनीत होना। स्त्री० [सं० नव नया] नयापन। नवीनता। वि० = नवा (नया)।

नुस्ख़ा

डाक्टर द्वारा लिखा गया दवाई का पर्चा, बनाने या पकाने की विधि

नसीब

वो कविता जिसमें सौंदर्य और प्रेम का उल्लेख हो (परिभाषित) कसीदे की भूमिका जिसमें प्रेम या सौन्दर्य और युवा अवस्ता के शीर्षक बयान किए जाते हैं, तशबीब

ना-कर्दनी

न करने के लायक़, (पारिभाषिक रूप से) जिस का करना नैतिक रूप से उचित और वैध, क़ानूनी और धार्मिक रूप से जायज़ और सही न हो, जो करने के योग्य न हो, जिसका करना उचित न हो, अकरणीय

नाड़ी

नली।

नाम रखना

۔ नामज़द करना। २। बच्चे का कोई नाम मुईन करना। ३। ऐब गेरी करना। बुरा भला कहना। ताना देना। बदनाम करना। इल्ज़ाम रखना। ५। (दूकानदारों की इस्तिलाह) मूल कहना। क़ीमत लगाना

निकाल

किसी चीज़ को हटाना या हाथ से बराबर या हमवार करना

नियारन

(ज़नानों की इस्तिलाह) औरत

निशान

चिह्न; लक्षण

नीमचा

 

नौ'

लिंग, नस्ल, जाति, ढंग

पेच पड़ना

एक पतंग की डोर का दूसरी पतंग की डोर पर पड़ना।

पंज-अर्कान

मुसलमानों की पाँच धार्मिक कृतियाँ: (सुन्नी) कलिमः, नमाज, रोज़ा, ज़कात और हज, (शीआ) नमाज़ के पांच अनिवार्य कृतियाँ: नीयत, तकबीर-ए-अल-अहराम, क़ियाम, रुकू, सजदे

पंजा फेरना

प्रभुत्व प्राप्त करना, दबा लेना, ग़लबा हासिल करना

परत

किसी प्रकार के तल या स्तर का ऐसा विस्तार जो किसी दूसरी चीज के तल या स्तर पर कुछ मोटे रूप में चढ़ा, पड़ा या फैला हुआ हो, तह, जैसे-सफाई न होने के कारण पुस्तकों पर धूल की एक परत चढ़ चुकी थी, क्रि० प्र०-चढ़ना, पड़ना

पर्दा

(थियटर) वो कपड़ा जिस पर तसावीर या नक़्श-ओ-निगार बने होते हैं और जिसे स्टेज पर लगाया जाता है

पूरा करना

(ठग्गों की भाषा में) ठग्गों का ज़मीन पर पांव से निशान बना देना

परिंदा

 

पानी देना

मौत के बाद मरे हुए का नाम लेकर इस के वारिस का मुक़र्ररा रस्म के मुताबिक़ ज़मीन पर पानी बहाना

पानी हारना

(मुर्ग़बाज़ी) मुर्ग़ या बसीर वग़ैरा का शिकस्त खा जाना

पानी हो जाना

۔ ۱۔ पुतला होजाना। पिघल जाना। २। कुंद होजाना। ३। नरम होजाना। मुलाइम होजाना। ४। सर्द होजाना। तेज़ी जाती रहना ५। दुशवार काम का आसान होजाना। (फ़िक़रा) आप के वास्ते मुश्किल से मुश्किल काम पानी है। ६। ग़ुस्सा जाता रहना। नरम पड़ जाना। धीमा होना। श्रम से पसीने पसीने होजाना। शर्मा जाना। इस जगह बेशतर पानी पानी होना बोलते हैं।७। ख़राब होजाना। (मुर्ग़ बाज़ों की इस्तिलाह) मुर्गों का बाहम लड़ जाना। झड़प होजाना।

पार्गी

दे. ‘पारगी', दोनों शुद्ध है।

पार्चा

(नबातीयात) पावना (रुक) का एक हिस्सा

पारस

आधुनिक ईरान देश (फ़ारस) का प्राचीन नाम।

पालट

पाला हुआ लड़का।

पाँव

गुण

पीर-ए-ख़राबात

मदिरालय का बूढ़ा प्रबंधक, शराब ख़ाने का मालिक

पोंचना

(इस्तिलाह वर्क़ साज़ी) वर्क़ कूटने की सेल खरी की थैली

फड़क खाना

 

फ़त्ह

विजय, जय, जीत, सफलता, कामयाबी

फुरैली

(महिलाओं की बोलचाल) प्यास

फेरा

परिक्रमा; चक्कर, तवाफ़, गश्त करना, गशत, चक्कर, फेरा, हेराफेरी, हलक़ा, दायरा, अहाता घेरा, घर घर जा कर सामान बेचना, देवी-देवता आदि की की जाने वाली परिक्रमा, प्रदक्षिणा

फूल

किसी पतली चीज़ को जमा कर सुखाय हुए ज़र्रे

फ़लक-ताज़

आकाश पर धावा बोलने वाला, बहुत बड़ा साहसी, लाक्षणिक: भांग

फुलकी

बेसिन या पिसी हुई दाल वग़ैरा का पानी में घोल कर नमक मिर्च और ज़ीरा और हरा धन्य वग़ैरा मिला कर तेल या घी में तिला जाने वाला नमकीन पकवान जो तलने से फूल जाता है, पकौड़ी

बे-पर

 

बराबर छूटना

किसी खेल या प्रतिस्पर्धा का हार-जीत के बिना समाप्त का होना

बाक

भय, डर, चिंता, ख़तरा, संकोच, आशंका, अंदेशा

बाब-ए-'आली

हुकूमत, रियासत, (तर्कों की इस्तिलाह)

भगोड़ा

मैदान छोड़ कर भागने वाला, सेना की नौकरी बिना बताये छोड़ने वाला

भरना

(रिक्त पद का) ख़ाली न रहना

मु'अद्दिलुन्नहार

(जुग़राफ़िया) आसमान पर वो फ़र्ज़ी दायरा जो ख़त-ए-इस्तिवा की सीध में है, सूरज जब इस पर आता है तो दिन रात बराबर होते हैं

मक्तूब

(इस्तिलाह इंशा) जो तहरीरें वुज़रा-ओ-उमरा-ए-से इलाक़ा रखती हैं इन को मकतूब कहते हैं छोटा बड़े को लिखे तो अरीज़ा और बड़ा छोटे को लिखे तो रुका

मुक़ल्लिदा

मुक़ल्लिद (रुक)की तानीस (ईस्तलाहन) नाचने वाली, नक़्क़ाल, रक़ासा

मुंक़लिबात

वृष, कर्क, तुला और मकर यह चार राशियाँ, क्योंकि इनमें काम उलटा होता है।

मुक़व्वा

शाब्दिक: मजबूत किया गया, परिभाषित: गत्ते या दफ़्ती का बना हुआ बक्स या फोल्डर जिस में काग़ज़ात रखते हैं, तबलक़

मुकस्सिर

इकट्ठा करने वाला, संग्रह करने वाला, संग्रहिता, संपादक, (पारिभाषिक) हदीस का इकट्ठा करने वाला, बहुत अधिक या प्रचुर मात्रा में हदीसों का संकलन करने वाला

मुक़ारनत

 

मुकाशफ़ा

आत्मशक्ति द्वारा वह कुछ देखना, जो दूसरे नहीं देख सकते, खुले तौर पर शत्रुता करना, खुल्लमखुल्ला लड़ाई लड़ना

मुक़िर

अपनी ओर से कोई दस्तावेज या लेखा प्रस्तुत करके उस पर हस्ताक्षर करने वाला, लेख्य का लेखक, इकरार या प्रतिज्ञा करनेवाला, वचन देने वाला, वादा करने वाला, स्वीकार करने वाला

मुजर्रब

आजमाया हुआ। परीक्षित। जैसे--मुजर्रब दवा।

मुज़ाहफ़

(उरूज़) वो (रुकन) जो सालिम ना रहा हो और इस में ज़हाफ़ि वाक़्य हो, वो कि जो अपनी असली हालत में ना रहा हो और इस में तग़य्युर किया गया हो, वो मिसरा या शेअर जिस में ज़हाफ़ि वाक़्य हुआ हो

मुजीब

जवाब देने वाला, स्वीकार करने वाला

मटौलना

(ज़नानों की इस्तिलाह) हुक़्क़ा

मूठ

किसी उपकरण, यंत्र, शस्त्र आदि का वह भाग जहां से उसे पकड़ा या उठाया जाता है, जैसे-छाता, चक्की या तलवार की मूठ

मुठिया

(ज़रदोज़ों की इस्तिलाह) वो क़लम नुमा चीज़ या शैय जिस में आरी की सोई लगाई जाती है

मुत'अद्दी

वो क्रिया और कार्य जिनसे दूसरों को फ़ायदा पहुंचे, उड़ कर लगने वाला, एक से दूसरे पर असर करने वाला, एक दूसरे को लगने वाला, फैल जाने वाला (मर्ज़), हद से बढ़ने वाला, छूत का रोग

मुतक़र्रिब

क़ुरबत रखने वाला, करीब, करीबी

मुतक़ारिब

۔(ए।लुगवी मानी एक दूसरे से नज़दीक होने वाला।मुअन्नस।(इस्तिलाह इलम-ए-अरूज़) एक बहर का नाम।इस नाम की ये वजह है कि इस बहर में हर रुकन ख़ुमासी है और सब अरकान छोटे छोटे हैं और इस वजह से नज़दीक नज़दीक वाक़्य हैं

मुत्तफ़क़-'अलैह

जिस पर सबका इत्तिफ़ाक़ हो, सर्वमान्य, सर्वसंमत, जो बात सब की राय के मुताबिक़ हो

मुतबादिला

रुक : मुतबादिल , (उक़्लीदस) दो ख़ुतूत-ए-मुतवाज़ी पर गिरे हुए तीसरे ख़त के दोनों तरफ़ के दाख़िली ज़ावीए बशर्तिके वो मतसला ना हूँ

मतला'

आकाश पर जहाँ सूरज चाँद उभरते हैं

मुतवत्तिन

किसी विशेष क्षेत्र में रहने या पाया जाने वाला (जानवर या पौदा)

मुताबिक़

अनुसार

मुताशाबिहात

जिनके अर्थ छिपे हुए हों, अर्थात क़ुरआन के वह छंद जिसका वास्तविक अर्थ केवल ईश्वर के सिवाए कोई नहीं जानता है

मद्धम

(मूसीक़ी) सात सुरों में से चौथे सुर का नाम

मदलूल

(मुजाज़ा) मानी, मफ़हूम , मुराद : दलालत की हुई बात या चीज़

मैदान

ऐसा विस्तृत क्षेत्र या भूखंड जो प्रायः समतल हो और जिस पर किसी प्रकार की वास्तु-रचना आदि न हो। दूर तक फैली। WEIG हुई सपाट जमीन। मुहा०-मैदान करना या छोड़ना = किसी काम के लिए बीच में कुछ जगह खाली छोड़ना। मैदान जाना-शौच आदि के लिए, विशेषतः बस्ती के बाहर उक्त प्रकार के स्थान में जाना। पद-खुले मैदान सब के सामने।

मुनक़्क़ा

 

मुफ़र्रह

चिकित्सा: वह औषध जो हृदय को आनंदित करे

मुबालग़ा

(बदी) मदह या हजव में इतनी ज़्यादती जो फे़अल या आदत या दोनों की रोओ से मुम्किन ना हो

मूरिस-ए-फ़ासिद

 

मुल्तवी

स्थगित,किसी अन्य तिथि के लिए आगे बढ़ाना, टालना

मुलम्मे'

(ए। बरोज़न मुसद्दस।चमकता हुआ दरहशां)सत१। गिलट क्या हुआ।सोना चांदी चढ़ाया हुआ।ख़ासदान पर चांदी का मुलम्मा था।३। क़लई ।तरह दिखावा। ज़ाहिरी टेप टाप। बनावट।(इस्तिलाह इलम-ए-अरूज़) एक ज़बान की पूरी नज़म में दूसरी ज़बान का एक मिसरा। या एक बैत या ज़्यादा मिला देना

मुशम्मा'

मोम की तरह मुलायम हो जाना, गंधक आदि का प्लास्टर (चिकित्सा)

मशल-ची

रुक : मशाल ची, मकान-ओ-इमारत की रोशनी का इंतिज़ाम करने वाला पेशावर शख़्स

मुस्तलह

 

मुस्तस्ना

अलग किया हुआ। छाँटा हुआ। भिन्न।

मुस्तहसन

उत्तम, श्रेष्ठ, उम्दा, पुनीत, पवित्र, नेक, वो इ'बादत या प्रार्थना जो पैग़म्बर मोहम्मद ने उत्तम या श्रेष्ठ बताया हो

मुसद्दस

छ : भुजाओंवाला, शायरी में 6 पक्तियों वाला काव्य

मसनद

आसन, गद्दी

मसादिर

 

मुँह का कच्चा

۔ सिफ़त। मुज़क्कर। १।वो घोड़ा जो लगाम के झटके को ना सहार सके। नरम मुनह का घोड़ा। घोड़ा मुनह का कच्चा है लगामजो झटका ना दो। २।(मुर्ग़ बाज़ों की इस्तिलाह) असील मुर्ग़। ३।वो आदमी जिस की बात नाक़ाबिल एतबार हो। मुअन्नस के लिए मुनह की कच्ची

महज़ूफ़

जो दृष्टि में न हो

महव

(तसव्वुफ़) नाबूद होने और आदात-ओ-औसाफ़ बशरी के ज़ाइल करने को और अपने अफ़आल फे़अल हक़ में फ़ना कर देने को कहते हैं

मेहवर

धुरा, कीली, केंद्र, वो धुरा जिस पर पहीया घूमता है, कीली जिस के गर्द कोई चीज़ घूमती हो

मेहवरिया

महवर से मंसूब या मुताल्लिक़ (इस्तलाहा) एक लंबा एसबी रेशा जिस के ज़रीये उमूमन एसबी ख़लीए से इशारात या तहरीकों की तरसील होती है (अंग : Axon

मुहीत

(तशरीह) किसी उज़ू को घेरने वाला अज़ला

मा-उल-हयात

۔(ए।मा अलहीवात।) मुज़क्कर।१।आब-ए-हयात।२।(कीमिया गुरों की (इस्तिलाह)एक मुरक्कब दवा जिस में शहद सुहागा घी होताहै और इस मुरक्कब को धात के कुशता में मिलाकर आग पर रखते हैं जिस से धात असली हालत पर है।

मारना

पिटाई करना, दबाना, कूटना

मिर्रीख़

(कीमिया) लोहा, फ़ौलाद

मिल्लत-फ़रोश

ईमान-धर्म बेचने वाला, सांसारिक लालच में धार्मिक कार्यों से दूर हो जाने वाला, धर्म और संप्रदाय से ग़द्दारी करने वाला

मिस्सी

मुसलमान वेश्याओं की एक रस्म जिसमें किसी कुमारी वेश्या को पहले-पहले समागम कराने के लिए उसे मिस्सी लगाते हैं। नथिया उतरने या सिर-ढकाई की रसम। उदा०-हमको आशिक लबों दन्दों का समझकर उसने रुक्का भेजा है कि हमारी मिस्सी।-कोई शायर।

मिस्सी करना

नोची के सर ढके जाने यानी सुहागन होने की ख़ुशी में बिरादरी की दावत देना और नाच करना, (तवाइफ़ों की इस्तिलाह) कसबियों में नथ उतरवाई की रस्म, नोची का अज़ाला-ए-बिक्र करना

मौक़ूफ़

निरस्त, निलंबित, नौकरी से निकाला गया, केन्द्रित, रोका गया

मौज़ू'

विषय, मुद्दा, प्रसंग, टॉपिक

रेत

(कहारों की इस्तिलाह) फिसलन

राजा

सब से बड़ा हिंदूस्तानी ख़िताब

रातिब लगाना

कुत्ते बिल्ली वग़ैरा की ख़ुराक मुक़र्रर करना

रास

चौपायों का समूह

लूती

वह जो अस्वाभाविक रूप से मैथुन करे

लुपोट

(शहदों की इस्तिलाह) बातें बनाने वाला, बातों का चोर, बातें उड़ाने वाला

लिहाफ़

रज़ाई

लोट-पोट

۔(ह। लूथ कपोथ। थक कर। चोॗर। बेहोश। बदहवास) सिफ़त। १।आशिक़। फ़रेफ़्ता। वो जाली लूट के रूमाल जिन पर दिल लोटपोट है। २।मुज़्तरिब। बेक़रार। (बहनसी से या रंजोग़म से) वो अपनी जगह पर जा कर तो मारे हंसी के लोटपोट होगए होंगे

लोरा

(डोमनियों की इस्तिलाह) आवारा मर्द

लोहा

(ईस्तलाहन) इस्त्री जो दर्ज़ी और धोबी वग़ैरा इस्तिमाल करते हैं

वज़'-ए-हमल

(लफ़ज़ा) बोझ उतारना, (असतलाहा) बच्चा पैदा होना, औरत का जनने से फ़ारिग़ होना

वज़्न रखना

۳۔ जिस्म के बोझ को एक हालत पर क़ायम रखना

वरा'

चित्रकला

वह्दत-ए-वुजूद

रुक : वहदत उल-वजूद जो ज़्यादा मारूफ़ है

वाजिब

(इलम हिसाब) वो (मकसूर) जिस की कसर का अदद मख़रज के अदद से छोटा हो

वाजिबुल-'अर्ज़

कहने योग्य, प्रार्थना करने योग्य, किसान और ज़मींदार के बीच मे ते शुदा | अधिकार।।

वादी-ए-ऐमन

शाब्दिक: सीधे हाथ की घाटी, वह घाटी जहाँ पैग़म्बर मूसा ने ईश्वर की आवाज़ को सूना था और उनको दिव्य की प्राप्ति हुई थी, तूर पहाड़ के आसपास का क्षेत्र

वाफ़र

۔(ए। बक्सर सोम) सिफ़त। बत्ता ।कसीर। बाफ़रात। कसरत से अलग़ारों २।(इस्तिलाह इलम उरूज)मुअन्नस। दायर।मुतल्लिफ़ा की पहली बहर का नाम

सरकार

(कनाएन) रसूल पाक आँहज़रत सिल्ली अल्लाह अलैहि वसल्लम

सापन

सिर के बाल के झड़ने का एक रोग

साबित

स्थिर, प्रमाणित, समग्र, पूरा, समूचा, दृढ़, मज़बूत, सिद्ध, सर्वमान्य, सच्चा, संपूर्ण, समस्त, जिसका सबूत या प्रमाण मिल चुका हो, जो खंडित न हुआ हो, जो पूर्ण इकाई के रूप में हो, अखंड

सिकंदरी

परिभाषित: घोड़े का ठोकर खा कर गिर पड़ना, सिकंदर का, सिकंदर से सम्बन्धित, घोड़े की ठोकर

हक़्क़-उल-यक़ीन

पूर्ण विश्वास, अटल विश्वास, भगवान को दिल की दृष्टि से देखना

हुंडी खड़ी रखना

हण्डी को किसी सबब से मुल्तवी रखना

हद करना

۔۱۔ऐसी बात करना कि इस से आगे नामुमकिन हो। २।(क़स्साबों की इस्तिलाह) बहुत ज़्यादा ज़बह कर डालना

हदीस

कहानी, ख़बर, बात, बयान, पुराने युग की कोई कथा, नई चीज़, पैग़म्बर मुहम्मद साहिब का कथन

हदीस-ए-नातिक़

(परिभाषिक) पैग़ंबर मोहम्मद

हफ़्ते गाँठना

(कुश्ती) हरीफ़ की दोनों बग़लों में से अपने हाथ निकाल कर उस की गर्दन दोनों हाथों से जकड़ लेना

हम-रिश्ता

एक डोरे में पिराई हुई चीजें, रिश्तेदार, स्वजन, सूत्रित, संलग्न, नत्थी, मुंसलिक, जुड़ा हुआ

हरी

(कहारों की इस्तिलाह) गाय भैंस का रास्ते में पड़ा हुआ गोबर (सवारी ले जाने में उगला कहार पीछे आने वाले कहार को आगाह करने के लिए ये कलिमा बोलता है

हरोला

(ज़नानों की इस्तिलाह) पान

हवाई-डाक

वह डाक या चिट्ठियाँ जो हवाई जहाज़ के द्वारा भेजी जाती हैं

हवाला

(फ़िक़्ह) अगर कोई शख़्स अपना क़र्ज़ किसी तहरीर या ज़मानत के ज़रीये से दूसरे शख़्स को मुंतक़िल का दे तिवा इस तहरीर या ज़मानत को हवाला कहा जाता है

हाथ

(फ़ीलबारी) हाथी की सूंड

हाथ डालना

(कमर या गर्दन में) हाथ हमायल करना

हाद्दा

रुक : हाद

हिल्ला

कीचड़

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