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कोशिश
कोई काम करने के लिए विशेष रूप से किया जानेवाला प्रयत्न, मेहनत, दौड़ धूप, प्रयत्न, प्रयास, चेष्टा, उद्योग, श्रम, उद्यम, उपाय, परिश्रम
आठ बार नौ त्योहार
सुख-सुविधा और आराम का शौक़ या लगन ऐसा बढ़ा हुआ है कि युग और समय उसको अल्प व्यय नहीं करने देता
चमनिस्तान
ऐसा बाग़ जहाँ फूल ही फूल हों, ऐसी जगह जहाँ दूर तक फूल ही फूल और हरा भरा नज़र आए, वाटिका, चमन, बाग़
दादरा
संगीत में एक प्रकार का चलता गाना (पक्के या शास्त्रीय गानों से भिन्न), एक प्रकार का गान, एक ताल
मज़दूर
शारीरिक श्रम के द्वारा जीविका कमाने वाला कोई व्यक्ति, जैसे: इमारत बनाने, कल-कारख़ानों में काम करने वाला, श्रमिक, कर्मकार, भृतक, मजूर
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"राजगीरी" से संबंधित उर्दू शब्द, परिभाषाओं, विवरणों, व्याख्याओं और वर्गीकरणों की सूची
संदला
वास्तु-कला: अस्तरकारी के ऊपर और चिकनी तह चढ़ाने को सफेदी में मिला कर बारीक तैय्यार किया हुआ चूना, संदल की जैसा बारीक पिसा हुआ चूना जिससे उकेरने का काम भी क्या जाता है
संदली
(मामारी) मख़रूती शक्ल की चू रुख़ी सीढ़ी (ज़ीना) जिस के सिरे पर काम करने वाले बैठने को एक मुरब्बा तख़्ता जुड़ा होता है, बला सहारे हर जगह खड़ा कर के काम किया जा सकता है
कच्ची-छत
(राजगीरी) वह छत जिसके ऊपर चूने की परत न लगाई गई हो अर्थात पक्की न की गई हो, मिटटी डाल कर सतह बराबर बराबर कर दी गई हो (पक्की छत से विपरीत)
कचा-हतोड़ा
(मामारी) मम्बत कारी का काम करने का हतोड़ा, इस के मुँह की थाप खोकली होती है, इस में सीसा भर दिया जाता हैता कि नाज़ुक काम और मुनब्बतकारी की घड़ाई में तकले पर नरम ज़रब पड़े और सीसा हतोड़े की ज़रब की सख़्ती को पी जाये
कजक
(मामारी) नाज़ुक किस्म की मुनब्बतकारी की घुटाई (चिकनाने का अमल) करने का बारीक मुँह का करनी की क़सम का औज़ार, कजरात
कड़ा
(पदार्थ) जिसके कणों, तंतुओं, संयोजक अवयवों आदि की बनावट या संघात इतना घना, ठोस या दृढ़ हो कि उसे काटा, तोड़ा, दबाया या लचाया न जा सके और इसीलिए जिसमें कुछ गड़ाना या घसाना बहुत कठिन हो। कठोर। सख्त। ' कोमल ' या ' मुलायम ' का विपर्याय। जैसे-कड़ी जमीन, कड़ा तख्ता, कड़ा लोहा
कन्नी
वो धज्जी जो पतंग के किनारे की तरफ़ काँप में बांधी जाती है ताकि पतंग भार में बराबर हो कर सीधी उड़े
कमर-गाह
(मामारी) किसी इमारत या क़िले की दरमयान की ऐसी जगह जहां कमर किसी जा सके, कमर बस्ता होने का ठिकाना
करनी
वह जो कुछ किया गया हो। कर्म। कार्य। कार्य करने की कला, विद्या या शक्ति। उदा०-उन्ह सौं मैं पाई जब करनी। जायसी। ३. बोल-चाल में, अनुचित या हीन आचरण या व्यवहार। ४. अन्त्येष्टि क्रिया। ५. राजगीरों का एक प्रसिद्ध उपकरण जिससे वे गारा या मसाला उठाकर दीवारों आदि पर थोपते, पोतते या लगाते हैं।
क़ालिब
आकार, रूप, किसी वस्तु का ढांचा, सांचा, टीन या लकड़ी का वह गोल ढांचा जिस पर चढ़ाकर टोपियाँ दुरुस्त की जाती हैं
खड़ी-सलामी
(मामारी) धाल या फीलवां सलामी जो बालाई पहलू दीवार को सतही नक़्शे में ४५ दर्जे में दीदी जाती है, अमूदी ज़ावीया (नशीबी झुकाओ के मुक़ाबिल)
खपरैल
खपड़े से छाई हुई छाजन, खपरों से बनी हुई छत, वो मकान जिस को खपरों से पाटा गया हो, खपरों की छत वाला मकान
गढ़-गुज
(मामारी) फ़सील की चुनाई में फैल पा की शक्ल बाबर को निकली हुई तामीर जो तोप लगाने और दूसरी फ़ौजी जरूरतों के लिए बनाई जाती है
गुंबदी-छत
(मामारी) ऐसी लदाओ की छत जो मामूल से ज़्यादा मुदव्वर यानी निस्फ़ या निस्फ़ से कम दायरे की शक्ल की हो जैसी गिरजा या बाअज़ पड़े हाल की बनाई जाती है, इस किस्म की छत बग़ली दीवारों के आसारों पर क़ायम की जाती है
ग़लताँ
लुढ़कता हुआ, लुढ़कने की स्थिती में, लुढ़कने वाला या वाली, घूमने वाला, घूमता हुआ, लोटने वाला, लोटता हुआ, लंठायमान
गोल-बस्ता
(मामारी) महिराब के दहन में लगाने को चोबी संगीन या धात का जालीदार बनाया हुआ पिट जिस की शक्ल महिराब की शक्ल जैसी होती है और महिराब के नाम से मौसूम किया जाता है, अधै का बस्ता
घूँघट
साड़ी, दुपट्टे या किसी ओढ़ने वाले कपड़े का वह हिस्सा जिससे स्त्रियाँ अपने चेहरे को ढक लेती है, चादर का मुँह पर पड़ा हुआ कपड़ा, औरतें दोपट्टे को पर्दे के लिए सर पर से आगे झुका लेती हैं ताकि मुँह न दिखाई दे इसको भी घूँघट कहते हैं, चादर का किनारा जिसको दुलहन अपने मुँह पर डाल लेती है, बुर्क़ा, नक़ाब, पर्दा\
घुमेरी-ज़ीना
(राजगिरी) लाट या मीनार के अंदर बना हुआ गोल ज़ीना, चक्करदार ज़ीना चाहे वह इमारत के अंदर हो जैसे लाट आदि के अंदर बना होता है या अलग बना हुआ हो
घर-भरूनी
(मामारी) नए घर में आबाद होने और रहने बसने की रस्म जो आम तौर से मकान में आने से क़बल ग़रीबों को मकान में जमा करके और खाना वग़ैरा खिला कर अदा की जाती है
चुग्गे की डाट
(मामारी) वो डाट जिस का वसती हिस्सा मांग नुमा यानी ऊपर को उठा हुआ नुकीला हो बरख़िलाफ़ अद्ध्াे की डाट के जो निस्फ़ दायरे की शक्ल होती है, आमनी डाट
चपटी-कमान
(मामारी) चपटी कमान ख़िश्त कारी का एक शहतीर जो ऐसी एण्टों से बनाया जाता है जिन का रुख़ एक वाहिद मर्कज़ की जानिब होता है गोया इस में एक क़तई कमान शामिल होती है
छज्ली
छज्जे के आकार की वह वास्तु-रचना जो प्रायः दीवार के ऊपरी भाग में कुछ आगे या बाहर की ओर निकली हुई होती है, छोटा और पतला छज्जा
छत-क़ैंची
(मामारी) दो पुलियायाँ छेरिया खपरैल के पाए और मगरी की लक्कड़ी को सहारने और उठाए रखने वाली लक्कड़ी की बनी हुई चलीपाई आड़
छल्ले की चुनाई
(मामारी) इकहरे रद्दे की मुदव्वर चिनाई जो अद्ध्াे की डाट (गोल महिराब) या कुँवें की कोठी में की जाती है
जिला'
(क़ानून) इस लफ़्ज़ से अदालते दीवानी दर्जा-ए-आला मजाज़ साअत इबतिदाई और अदालत हाईकोर्ट मामूली इख़्तयारात समाअत इबतिदाई मुराद है
झंझरी
लोहे आदि की कोई जालीदार चादर जो प्रायः खिड़कियों या बरामदों में लगाई जाती है, झरोखा, गवाक्ष, गौखा, चिलमन
झुमरी
वास्तुकला: अस्तरकारी के चूने को ठिकाने का थापी की शक्ल का लकड़ी का औज़ार, दीवार का पलस्तर आदि पीटने की काठ की छोटी मुंगरी, काठ की, मोंगरी, पटना, छत
ठाड़-पट
(मामारी) ज़ीने की सीढ़ी की बुलंदी को ठाड़ और इस के ऊपर पैर रखने की मुसत्तह जगह पिट कहलाती है और दोनों को मिला कर ठाड़ पुट कहते हैं, ख़ाली
ठोकर
ठेस, पाँव किसी चीज़ से टकरा जाना, किसी तरह का अनिष्टकारी आघात, ऐसी चीज़ जिससे चोट लग सकती हो, धक्का, रोड़ा, सड़क में उभरा हुआ पत्थर, पैर से किया गया आघात, ज़रब, धक्का, सदमा, सीधे रास्ते से बहकने का अमल, नाचने वाले का नाचने में क़दम मारने का अंदाज़, माशूक़ की नाज़ुक चाल
डब्रा
(मामारी) मामूली इन घड़त पत्थ्াर जो अदना किस्म के पत्थ्াर की चिनाई और भर्ती के काम में आएं, पत्थर का ऐसा मामूली टुकड़ा जिस का कोई रुख़ सीधा और चौरस ना हो
डाट
दीवार या ऐसी ही किसी और चीज को गिरने से बचाने या रोकने के लिए सामने या बेड़े बल में लगाई जानेवाली चांड़ या रोक।
डाड़ा
(राजगीरी) दीवार की तैयारी के लिए ईंट या गढ़े हुए पत्थर की चूने या गारे के साथ तले ऊपर तह तह करके सही प्रकार से रोक
डाढ़ा
(मामारी) दीवार की चुनाई के लिए घड़े-ए-होई पत्थर की चूओने या गारे के साथ तले ऊपर तहा बह तहा बाक़ायदा बंदिश
डोरा
(पटवा गिरी) ज़ेवर में डाला हुआ रेशमी या सोओती तागे का हिंद जिस की विजय से ज़ेवर गले में या कलाई में पहना जा सके
डोरी-रद्दा
(मामारी) डाइयों के हर एक रद्दे के जोड़ मुसलमल रखे जाते हैं, हर एक रद्दे को डोरी रिदा कहते हैं
डौलाना
(मामारी) पत्थ्াर पर फूओल बूओटे डोला ने और सतह खोद कर पत्ते पतियों की शक्ल सतह पर उभारने और नुमायां करने को कंधा खोलना कहते हैं
तेज़ करना
चिनाई में रद्दे की ईंट को जो किसी क़दर अन्दर को दबी हुई हो आगे को लाना ताकि दूसरी ईंटों के साथ एक सीध में हो जाए, ईंट को रद्दे की सीध से थोड़ा निकलता रखना
तजाई
(मामारी) चौखट की रूकार के चारों तरफ़ दरवाज़े की चिनाई का बक़दर दो तीन इंच बतौर हाशिया बाहर को दिखाई देता हुआ हिस्सा, कोपरी
तूला-बंदिश
(मामारी) एण्ट की चिनाई का एक तरीक़-ए-कार जो निस्फ़ एण्ट की दीवारों में इस्तिमाल होता है इस में चेहरे की तमाम एण्टें तूलों की तरह लगाई जाती हैं
तेशा
एक उपकरण जिससे पथरकट पत्थर काटते है, हाथ से चलाने वाली छोटे दस्ते वाली कुल्हाड़ी, कुदाल, टाँकी, बेलचा
दालान
(वस्तुकला) किसी भवन या मकान के अन्तर्गत वह लम्बी वास्तु रचना जिसके तीन ओर दीवारें, ऊपर छत और सामनेवाला भाग बिलकुल खुला होता है, मकान के बाहर लोगों के बैठने की छतदार खुली जगह, बेड़ा और लंबा कमरा जिसमें मेहराबदार दरवाजे होते हैं, या तिदरी होती है, ओसारा, बैठक
दीवार फूलना
(राजगीरी) दीवार का छल (बाहरी सतह) का किसी आंतरिक दोष के कारण बाहर की ओर उठ जाना, पानी भरने और भराव ढीला हो जाने के कारण से दीवार फूल गई है अर्थात् दीवार बाहर निकल आई है
दो-साली-चौखट
(राजगीरी) दोहरी बनावट की चौखट जो किवाड़ के निशान को भरे अर्थात जैसी सामने के कवर पर हो वैसी ही पीछे के कवर पर भी हो
धुर्मुट
फ़र्श के ईंट रोड़े कूटने का एक औज़ार जिस में लोहे या लकड़ी की वज़नी मोटी और लंबी सलाख़ होती है जिस का नीचे का हिस्सा चिपटा और फैला हुआ होता है, क़िले की प्राचीर पर आक्रमण के समय फेंके जाने वाले लोहे के गोले, गदा
नुक्कड़
किसी सड़क या गली का वह स्थान जहाँ एक मार्ग समाप्त होता है और दूसरा शुरू होता है, कोना, किनारा, मोड़, सिरा, नाका
नक़्शा
आकृति, शक्ल, चेहरे की साख्त, मुखाकृति, ढंग, शैली, तर्ज, सज-धज, वज़ा क़ता, चेष्टा, हुलिया, किसी देश आदि का चित्र, मानचित्र, दशा, हालत, साँचा, क़ालिब, रेखाचित्र, खाक़ा, नमूना, आदर्श, छवि
नाब-दान
पानी निकलने की नाली, पानी के निकास की मोरी, मकान की मोरी, वह नाली जिससे होकर घर का गलीज, मैला पानी आदि बाहर बहकर जाता है, पनाला, नरदा, गटर
पख़्नी
(सर इफ्फी) सके का उल्टा रुख़ जिस पर तारीख़ अदद वग़ैरा कुंदा होता है , (मामारी) पाखा, दीवार या चिनाई का छोटा हिस्सा या अर्ज़ी रुख़
पा-ए-पेशानी
दीवार छत आदि के प्लास्तर में सुंदरता के लिए वर्गाकार, आयताकार, अंडाकार चित्र ऊँचाई पर उकेरे होते हैं
बस्तनी
(मामारी) चंद अजज़ा से मुरक्कब मसाला जैसे कन जमाने या उन पत्थर जोड़ने के लिए इस्तिमाल करते हैं, मसाला या गारा
बहरा
(निर्माण) एक या दो खूँटियाँ जो चौखट की भुजाओं के चिनाई वाले हिस्से से जुड़ी होती हैं जिन्हें चिनाई में दबाया जाता है ताकि चौखट को मजबूती से पकड़कर रखें
मंडी
बाज़ार, विपणि, वह बहुत बड़ा विक्रय स्थल जहाँ थोक माल बेचने की बहुत सी दुकानें हों, थोक बिक्री का बाज़ार, सब्ज़ी मंडी, बड़ा बाज़ार, बड़ा मेला जहां गाय घोड़े वग़ैरा बिकने या नुमाइश के लिए लाए जाए
मे'मारी-गज़
(मामारी) मुअम्मारों का मुरव्वजा क़दीम गज़ जो अंग्रेज़ी गज़ से बक़दर ४ इंच छोटा यानी ३२ इंच का होता है
मुर्दा-बोझ
(राजगीरी) इस्पात, गिट्टी, सीमेंट स्लीपरों इत्यादि के भार पर आधारित पुलों के निरंतर निर्माण का बोझ
मुशा''
(मामारी) पानी या भाप के ज़रीये कमरा गर्म करने का साज़-ओ-सामान जिस में नलों के ज़रीये पानी गर्दिश करता रहता है, गर माला, इशआ कनुंदा
मुस्तक़िल-निशान
(मामारी) वो निशान जो किसी पाएदार मवाद जैसे पत्थर पर पैमाइश में सतह मालूम करने के लिए बनाया जाता है (अंग : Bench Mark Survey)
मेहराब
द्वार के ऊपर का अर्धमंडलाकार बनाया हुआ भाग, डाट वाला गोल दरवाज़ा, ताक़, ताकचा, अर्धचन्द्र के आकार की कोई चीज़ या दीवार, कमान, युद्ध का स्थान, मस्जिद में बना कमान की भाँती वह स्थान जहाँ नमाज़ के समय इमाम खड़ा होता है
मा'कूस-कमान
(मामारी) कमान की एक क़िस्म जो मामूली क़तई कमान से मुशाबेह होती है लेकिन नीचे की तरफ़ बनाई जाती है, ये कमान कुशादा जगह के नीचे बनाई जाती है ताकि वज़न ज़ीरीं तामीर पर या बुनियादों पर बराबर या मुसावी तौर पर पड़े, बाअज़ औक़ात ऐसी जगह भी उन का इस्तिमाल होता है जहां चश्मों का दबाओ ऊपर वारिद होता है
मांजना
कोई चीज अच्छी तरह साफ करने के लिए किसी दूसरी चीज से उसे अच्छी तरह मलना या रगड़ना। जैसे-बरतन मांजना।
मिलन की चुनाई
(मामारी) वो आम चुनाई जो मुक़र्ररा तामीरी उसोल पर की जाये, चाली से मुराद मुरव्वजा और मिलन से मक़सद चिनाई के रद्दों का बाहम इस तरह जमा कर लगाना है कि रद्दों की दर्ज़ें एक दूसरे की सीध में ना आएं (मिलन के टेप के मुक़ाबिल)
मिलाप-जोड़
(मामारी) अगर बंदिश बाक़ायदा की जाये या किसी दो ईंटों या पत्थरों के दरमयानी जोड़ उफु़क़ा यह अनतसाबा एक मुसलसल रास्त ख़त में ना रखे जाएं तो मिलाप जोड़ बिन जाता है
रप्टा
नगर, शिविर या दुर्ग की दीवार पर चढ़ने का ढलवाँ बना हुआ पक्का रास्ता जिस पर तोप और सवार आसानी से चढ़ जाए
रोद-कशी
(मामारी) अस्तरकारी में फूओल पते बनाने का काम जो अस्तरकारी पर सफेदी की ता को छैल कर तैय्यार किया जाता है
रोंदा
(मामारी) उफ़की शहतीर जो हामिल (गाड़ी) के दो पहीयों के ज़रीया मचान के एक सिरे से दूओसरे सरिए तक जाता है, पत्थ्াर उठाने की एक कल
लट्टू
(आतशबाज़ी) मिट्टी का गोला जिस के अंदर बारूद भरी होती है इस के सूराख़ में से एक फ़लीता निकला होता है जिस को आग दिखाने से वो घूम कर धमाके से पिठता है
शु'आ'ई-बरंदा
(राजगीरी) खुली जगह पर गाड़ा हुआ काँटा या चर्ख़ी जो किसी चीज़ को हरकत देने या लाने ले जाने में मदद करे (आमतौर पर वज़न उठाने या लटकाने के लिए प्रयुक्त)
सत्ह-बंदी
(राजगीरी) ऊपरी हिस्से को समतल करने का काम, पिच बनाना, सतह बंदी जैसी भी विशेषीकरण किया गया हो कंकर के कुंदे, पत्थर या कंक्रीट की होगी
सद्र-ए-ताक़
(मामारी) सदर दालान की दीवार के वस्त का बड़ा ताक़ जो दूसरे ताकों की निसबत बड़ा और ख़ुशनुमा बनाया जाता है, इस के नीचे मस्नद तकिया लगाया जाता है और सदर के बैठने की जगह होती है
सद्र-ए-दीवार
(मामारी) दालान की पिछेत् यानी पिछली बड़ी दीवार जो दालान के महिराबों के जवाब में होती है और जिस में पेशताक़ या सदर ताक़ होता है
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