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हिन्दी, इंग्लिश और उर्दू में साई के अर्थदेखिए
साई के हिंदी अर्थ
संस्कृत, हिंदी - संज्ञा, स्त्रीलिंग, प्रत्यय
- कार्य आदि के सम्पादन के लिए बातचीत पक्की होने पर दिया जानेवाला पेशगी धन। बयाना।
- विशेषतः वह धन जो गाने-बजानेवाले से किसी कार्यक्रम की बात पक्की होने पर उन्हें दिया जाता है। क्रि० प्र०-देना।-पाना।-मिलना।-लेना। स्त्रिी० [सं० सहाय] सहायता। स्त्री॰ [देश॰] १. वे छड़ जो बैलगाड़ी के अगले हिस्से में बेड़े बल में मजबूती के लिए एक दूसरे को काटते हुए रखे जाते हैं। २. एक प्रकार का कीड़ा। स्त्रिी० = साई-कांटा।
- किसी कार्य के संपादन के लिए बात पक्की होने पर दिया जाने वाला अग्रिम धन; पेशगी; बयाना; हलवाई, गाने-बजाने वाले आदि से किसी कार्यक्रम की बात पक्की होने पर दिया जाने वाला अग्रिम धन।
संज्ञा, पुल्लिंग
- = साँई
विशेषण
- कोशिश करने वाला; प्रयत्नशील।
शे'र
उसे साई देना और इस को बधाई
ये छल-बल बताओ तो बारे पियारे
अजाइब रस्म है उन दिलबरान-ए-दहर की या रब
किसी के साथ जा सोना कहीं साई बधाई है
English meaning of saa.ii
Sanskrit, Hindi - Noun, Feminine, Suffix
- earnest money
- one who attempts
- rubbing
سائی کے اردو معانی
- Roman
- Urdu
سنسکرت، ہندی - اسم، مؤنث، لاحقہ
- وہ نقدی، جو کسی معاملے کے طے ہوجانے پر پیشگی بطور توثیق ادا کردی جائے اور بعد میں اصل قیم سے وضع کرلی جائے، بیعانہ، کسی چیز کی بنوائی کا وہ حِصّہ، جو بنانے والے کو پیشگی دے دیا جائے، پیش داد
- ساہی، سیہی، سیہ
- گِھسائی، رگڑائی (تراکیب میں بطور جزوِ دوم مُستعمل)
- ناچنے گانے والے کو پیشگی دی جانے والی اُجرت
Urdu meaning of saa.ii
- Roman
- Urdu
- vo naqdii, jo kisii mu.aamle ke tai hojaane par peshgii bataur tausiiq ada kardii jaaye aur baad me.n asal qiyam se vazaa karlii jaaye, baiyaanaa, kisii chiiz kii banvaa.ii ka vo hissaa, jo banaane vaale ko peshgii de diyaa jaaye, peshadaad
- saahii, sehii, say
- ghisaa.ii, rag.Daa.ii (taraakiib me.n bataur juzo-e-dom mustaamal
- naachne gaane vaale ko peshgii dii jaane vaalii ujrat
साई के यौगिक शब्द
साई से संबंधित कहावतें
साई के अंत्यानुप्रास शब्द
खोजे गए शब्द से संबंधित
साईं जिस को राख ले मारन हारा कौन, भूत देव क्या आग हो क्या पानी क्या पौन
जिस को ईश्वर रखे उसे कौन चखे
साईं जिस को राख ले मारन मारा कौन, भूत देव क्या आग हो क्या पानी क्या पौन
जिस को ईश्वर रखे उसे कौन चखे
साईं इस संसार में भाँत भाँत के लोग, सब से मिल कर बैठिये नदी नाव संजोग
दुनिया में तरह तरह के लोग हैं मिल कर जीवन व्यतीत करना चाहिए
साईं से सांची कहूँ बाज बाज रे ढोल, पंचन मेरी पत रहे सखियों में रहे बोल
स्त्री को चाहिए कि पति की नज़रों में सच्ची रहे क्यूँकि इसी तरह लोगों में उस का सम्मान और सहेलियों में उस का महत्व होता है
साईं राज बुलंद राज, पूत राज मुहताज राज
स्त्री पति के समय में हुकूमत करती है और बेटे के समय में आश्रित एवं धनहीन हो जाती है
साईं तेरी याद में जस तन कीता ख़ाक, सोना उस के रू-बरू है चूल्हे की ख़ाक
जो ईश्वर में लीन हो गया हो उस की नज़र में संसार का धन और दौलत धूल के समान है
साईं से सांची रहूँ बाज बाज रे ढोल, पंचन में मेरी पत रहे सखियाँ में रहे बोल
स्त्री को चाहिए कि पति की नज़रों में सच्ची रहे क्यूँकि इसी तरह लोगों में उस का सम्मान और सहेलियों में उस का महत्व होता है
साईं तेरे कारने जन तज दिया जहान, ठेठ किया बैकुंठ में उस ने जहाँ मकान
जिस ने ईश्वर के लिए सब कुछ छोड़ दिया उस की छूट हो गई और स्वर्ग उस का ठिकाना है
साईं राज बुलंद राज, पूत राज दूत राज
स्त्री पति के समय में हुकूमत करती है और बेटे के समय में आश्रित एवं धनहीन हो जाती है
साईं का घर दूर है जैसे लम्बी खजूर, चढ़े तो चाखे प्रेम रस गिरे तो चकना-चूर
ईश्वर को पाना बहुत कठिन है यदि पा ले तो इससे बढ़ कर कुछ नहीं न पाए तो तबाह हो जाए
साईं तेरी नेह का जिस तन लागा तीर, वही पूरा साध है वही पीर फ़क़ीर
जिसे ईश्वर से प्रेम है वो पूरा फ़क़ीर है एवं वही दर्वेश है
साईं जिस के साथ हो उस को सांसा क्या, छिन में उस के कार सब दे भगवान बना
ईश्वर जिसका सहायक हो उसके काम पल में बन जाते हैं
साईं का रख आसरा और वाही का ले नाम, दो जग में भरपूर हों जो तेरे सगरे काम
ईश्वर पर भरोसा रख और उसी का नाम ले तो दोनों लोकों में तेरे काम पूरे होंगे
साईं साईं जीभ पर और किब्र कपट मन बीच, वह न डाले जाएँगे पकड़ नरक में खींच
जिन की जीभ पर ईश्वर का नाम है और उन के दिल में घमंड और धोका कपट और हसद है उन को अंत में नरक ही मिलेगा
साईं तुझ बिन कौन है जो करे नवड़िया पार, तू ही आवत है नज़र चहूँ ओर करतार
ऐ ईश्वर तेरे सिवा कौन है जो बेड़ा पार करे, जिधर देखता हूँ तू ही दिखाई देता है
साईं तेरे आसरे आन पड़े जो लोग, उन के पूरे भाग हैं उन के पूरे जोग
जो ईश्वर पर विश्वास करता है ईश्वर उस का हर काम पूरा करता है
साईं अखियाँ फेरियाँ बैरी मुल्क जहान, टुक इक झाँकी महर दी लक्खाँ करें सलाम
ईश्वर नाराज़ हो तो सारा संसार नाराज़ हो जाता है और यदि मेहरबानी की एक नज़र कर ले तो लाखों सलाम करते हैं
साईं इस संसार में भाँत भाँत के लोग, सब से मिल के बैठिये नदी नाव संजोग
दुनिया में तरह तरह के लोग हैं मिल कर जीवन व्यतीत करना चाहिए
साईं अपने चित्त की भूल न कहिये कोय, तब लग मन में राखिये जब लग कारज होय
अपने दिल का भेद भूल कर भी किसी को नहीं बताना चाहिये जब तक काम न हो जाए उसे दिल में रखना चाहिये
साईं तुझ बिन कौन है जो करे नय्या पार, तू ही आवत है नज़र चहूँ ओर करतार
ऐ ईश्वर तेरे सिवा कौन है जो बेड़ा पार करे, जिधर देखता हूँ तू ही दिखाई देता है
साईसी-'इल्म दरिया है
किसी भी विद्या में महारत प्राप्त करना आसान नहीं है, हर एक विद्या एवं ज्ञान असाधारण गहराई एवं विस्तार रखता है जबकि साईसी विद्या को प्रायः बहुत साधारण और निम्न समझा जाता है, उसपर भी पूर्ण महारत रखना बहुत कठिन है
साईसी-'इल्म दरियाव है
किसी भी विद्या में महारत प्राप्त करना आसान नहीं है, हर एक विद्या एवं ज्ञान असाधारण गहराई एवं विस्तार रखता है जबकि साईसी विद्या को प्रायः बहुत साधारण और निम्न समझा जाता है, उसपर भी पूर्ण महारत रखना बहुत कठिन है
साईं सांसा मेट दे और न मेटे कोय, वा को सांसा क्या रहा जा सर साईं होय
ईश्वर के अतिरिक्त कोई सांसा अर्थात परेशानी एवं दुख को दूर नहीं कर सकता परंतु जिसे ईश्वर पुण्य की राह दिखा दे
साईं तेरा आसरा छोड़े जो अंजान, दर-दर बांडे मांगता कौड़ी मिले न दान
जो ईश्वर की आस छोड़ दे वो दर-दर मांगता फिरे तो भी उसे कुछ नहीं मिलता
साईं तेरे कारने छोड़ा बल्ख़ बुख़ार, नौ लख घोड़े पाल्की और नौ लखा सवार
ईश्वर के लिए सब कुछ त्याग दिया
साईं के दरबार में बड़े बड़े हैं ढेर, अपना दाना बीन ले जिस में हेर न फेर
अपनी क़िस्मत पर शुक्र करना चाहिए और जो मिले उस पर संतोष करना चाहिए
संदर्भग्रंथ सूची: रेख़्ता डिक्शनरी में उपयोग किये गये स्रोतों की सूची देखें .
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muntazir
मुंतज़िर
.مُنتَظِر
expectant, one who waits
[ Musafir ghanton se train ke aane ka muntazir platform par baitha hai ]
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taqsiir
तक़्सीर
.تَقْصِیر
mistake, omission, fault, defect
[ Rubaah ne kaha mehaman ki mehman-dari mein kyonkar taqsir karungi ]
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adviyaat
अदवियात
.اَدْوِیات
medicines, drugs
[ Ibn-e-Sina ko adviyat ka maalik kaha gaya hai ]
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za'iifa
ज़'ईफ़ा
.ضَعِیفَہ
old woman, weak and old woman
[ Aslam ne der se muntazir za'ifa ko sadak paar karaya ]
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muttahid
मुत्तहिद
.مُتَّحِد
united, integrated, allied
[ Dahshatgardi tabhi mitegi jab puri duniya mttahid hogi ]
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tashviish
तशवीश
.تَشْوِیش
grief, anxiety, disquietude, uneasiness
[ Aaludagi-e-mahaul ki wajah se tashvish ho rahi hai ]
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mastuuraat
मस्तूरात
.مَسْتُورات
veiled or chaste women, women
[ Bimari aur waba ki khabrein aati hain jinko sun-sun kar masturat ko tashwish hoti hai ]
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iltijaa
इल्तिजा
.اِلْتِجا
appeal, request
[ Za'ifa ki iltija par police ne chor ko pakad kar chori ka maal baraamad kiya ]
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bar-aamad
बर-आमद
.بَرْ آمد
(stolen or concealed substance) recovery
[ Police ne chori kiye gaye lakhon ke zewarat bar-aamad kar liye ]
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saalgirah
सालगिरह
.سالگِرَہ
year-knot
[ Rehana ne apni shadi ki pahli saal-girah bahut dhum-dham se manaayi ]
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