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मंसूबा
योजना, साज़िश, षड्यंत्र, संकल्प, प्लान, स्कीम, इरादा, विचार, ठानना, बांधना, जोड़-तोड़, शतरंज की सातवें बाज़ी का नाम
तौहीन-ए-'अदालत
कोई ऐसा शब्द कह देना या ऐसा काम करना जिससे न्यायालय की अपमान पाई जाती हो, किसी न्यायालय का अपमान
चिलमन
एक प्रकार का पर्दा जो बाँस की तीलियों से बनाया जाता है; चिक, बाँस की फट्टियों आदि का पर्दा जो खिड़कियों, दरवाजों आदि के आगे लटकाया जाता है
"अर्थ शास्त्र" टैग से संबंधित शब्द
"अर्थ शास्त्र" से संबंधित उर्दू शब्द, परिभाषाओं, विवरणों, व्याख्याओं और वर्गीकरणों की सूची
अक़्दार
आदर, सत्कार, आवभगत, सम्मान, प्रतिष्ठा, इज्ज़त, मूल्य, क़ीमत, गुण की परख, सत्याकार, मान्यताएँ, मूल्यांकन
अस्ल-ए-क़ाइम
(मआशियात) इबतिदाई पूंजी जो अमल पैदाइश में अर्से तक अपना काम सरअंजाम देती रहे, क़ायम या मुस्तक़िल सरमाया
आजिर
(अर्थशास्त्र) वह व्यक्ति जो निजी या उधार ली गई पूँजी से कंपनी या कारख़ाना स्थापित करे, ठेकेदार, मालिक, स्वामी
उजरत-ए-तज़मीमी
(माचयात) वो जायज़ आमदनी जो मुलाज़िम की तनख़्वाह के इलावा हो, जैसे वो फ़ीस जो स्कूल के मुदर्रिस की निज की तालीम से मिले
क़द्र
(हैयत) जो दायरा कि कव्वा कब-ए-दराअह और ख़ारिज अल्सो रुत और को कब दाहिने बाज़ू और कव्वा कब-ए-दजाचा से पैदा होता है
क़ानून-ए-तलब
(मआशियात) वो क़ानून जिस में मतलूबा शैय की मिक़दार-ए-मक़बूज़ा में हर जदीद इज़ाफ़ा का इफ़ादा निसबतन घटता जाता है
ख़ारिजा
पृथक्, अलग, रसीद का दूसरा परत, विदेशी, परराष्ट्रीय, विदेश, बाहरी, बाह्य, खारिज किया या बाहर निकाला हुआ, बाहर निकला हुआ
गर्दिश
भ्रमण; चारों ओर घूमना-फिरना, फिराव, कालचक्र, परिभ्रमण, चक्कर, फेर, परिवर्तन, बदलाव, ज़माने का बदलाव, हालात की तबदीली, विपनि या संकट में डालने वाला दिनों या भाग्य का फेर, दुर्भाग्य, विपत्ति, संकट, दुर्भाग्य, बदक़िस्मती, मुसीबत, आफ़त
तक़लील-ए-हासिल
आय या पैदावार में कमी, अर्थशास्त्र: पूंजी या मेहनत में बढ़ोतरी, एक विशेष बिंदु तक पहुंचने के बाद पैदावार में होने वाला अपेक्षाकृत कम बढ़ोतरी
तग़य्युर-पज़ीर
परिवर्तित होने वाला, परिवार्तन स्वीकार करने वाला, लचकदार, एक स्थिती पर स्थिर न रहने वाला
तंज़ीम
प्रबंध, बंदोबस्त, किसी दल या समुदाय अथवा संस्था को किसी विशेष कार्य के लिए निर्मित करना, संघटन, निर्माण, बनाना
तवाज़ुन-ए-तिजारत
(मआशियात किसी मुलक की बरामद और दरआमद का तनासुब, अगर किसी मुलक की दरआमद उस की बरामद के बराबर हो तो उसे मआशी इस्तिलाह में '' मुवाफ़िक़ तवाज़ुन तिजारत '' कहा जाता है, अगर इस के बरअक्स हो तो ए '' ना मुवाफ़िक़ तोज़न तिजारत '' कहते हैं
तामीन
(मआशियात) मुल्की सनअत को ग़ैर मुल्की सनअतों के मुक़ाबले से महफ़ूज़ करने के लिए हुकूमत ग़ैर मुल्की माल पर महसूल या पाबंदी लगाती है ताकि मुल्की सनअत तरक़्क़ी करे इस तरीक़ अमल को हिफ़ाज़त तिजारत याता मैन (Protection) कहते हैं
देही इम्दाद
(मआशियात) गांव और देहातों के सुधार-ओ-तरक़्क़ी के लिए क़ायम क्या हुआ महिकमा जिस के ज़रीया रक़म देहातियों को दी जाती है
मख़्लूत-काश्त
मिश्रित खेती, मिली-जुली खेती, (अर्थशास्त्र) जहाँ खेती स्थानीय जीविका प्रदान नहीं करती है, कृषि की कमी गायों, भैंसों, भेड़, बकरियों, मुर्गियों इत्यादि को पालने से पूरी होती है, आजीविका के इन दो स्रोतों को सामूहिक रूप से मिश्रित खेती कहा जाता है
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