शब्द व्युत्पत्ति
"व-स-ल" से बनने वाले अन्य शब्द देखिए
इत्तिसाल
मिलना, एक जगह होना, बराबर होना, लगातार होन मेल-मिलाप, निरंतरता, क्रमशः
तवस्सुल
मेल, मिलाप, संयोग, मिलन, इत्तिसाल
तवासुल
एक दूसरे में पैवस्त होना या मिला हुआ होना, एक दूसरे से ताल्लुक़ होना
तविसेली
(लफ़ज़न) मिलाने वाला, जोड़ने वाला
मुत्तसिलन
लगातार, एक के बाद एक, पै दर पै
मुतवस्सिल
मिला हुआ, जुड़ा हुआ, मुंसलिक, वाबस्ता
मुवासला
ख़त-ओ-किताबत या फ़ोन वग़ैरा पर राबिता
मौसूल
प्राप्त हुआ, मिला हुआ, प्रचलित, प्राप्त, स्वीकार किया हुआ,
मौसिल
वो जगह जहाँ दो जड़ें या दूसरी चीज़ें मिलें, मुलाक़ात की जगह
वस्ल
(उरूज़) वो हर्फ़ जो रवी के फ़ौरन बाद आए लेकिन ख़ुद कोई बामानी कलिमा ना हो
वुसूल
(तसव्वुफ़) ज़ात हक़ तक रसाई, क़ुरब इलाही हासिल करना
वसलत
(तसव्वुफ़) मार्फ़त इलाही, महव होजाना, ज़ात-ए-बारी में मुसतग़र्क़ि रहना
वुसूलना
वसूल करना, हासिल करना, पाना, लेना, इकट्ठा करना, जमा करना
वुसूलात
वसूल की जमा, उगाही, संग्रह
वस्ली
ज़रदोज़ी की एक क़िस्म जिस में उभरवां कढ़त की बजाय कपड़े के हम सतह यानी ता दोज़ फूल बूटे टाँके जाते हैं
वुसूली
वसूल करने या होने की अवस्था, क्रिया या भाव। प्राप्य धन की प्राप्ति। उगाही
वस्साल
बहुत मिलाने वाला एवं (किताबों की) जिल्द बंदी करने वाला, जिल्द-साज़
वसीला
कोई काम करने का द्वार या साधन। जरिया।।
वासिल
लगा हुआ, जुड़ा हुआ, संलग्न, मिलने वाला, मुलाक़ात करने वाला, सटा हुआ, मिला हुआ, जुड़ा हुआ, संयुक्त, शामिल होने वाला
वासिलात
किसी जायदाद या जागीर वग़ैरा की आमदनी नीज़ वो मुनाफ़ा जो नाजायज़ क़ाबिज़ ने वसूल क्या हो
विसाल
दो या इस से ज़ाइद रोज़े इस तरह रखना कि दरमयान में इफ़तार ना किया जाये (सुरूर कौनैन सिल्ली अल्लाह अलैहि-ओ-आलही वसल्लम ने इस से मना फ़रमाया है
विसाली
विसाल से संबंधित, मिलन का, मुलाक़ात का तथा जुड़ा हुआ, मिला हुआ
सिलात
सिलः का बहु., सिले, बदले, पुरस्कार, बख्शिशें । ।