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मंसूबा
योजना, साज़िश, षड्यंत्र, संकल्प, प्लान, स्कीम, इरादा, विचार, ठानना, बांधना, जोड़-तोड़, शतरंज की सातवें बाज़ी का नाम
तौहीन-ए-'अदालत
कोई ऐसा शब्द कह देना या ऐसा काम करना जिससे न्यायालय की अपमान पाई जाती हो, किसी न्यायालय का अपमान
चिलमन
एक प्रकार का पर्दा जो बाँस की तीलियों से बनाया जाता है; चिक, बाँस की फट्टियों आदि का पर्दा जो खिड़कियों, दरवाजों आदि के आगे लटकाया जाता है
"साहित्य" टैग से संबंधित शब्द
"साहित्य" से संबंधित उर्दू शब्द, परिभाषाओं, विवरणों, व्याख्याओं और वर्गीकरणों की सूची
अदब बराए-अदब
(अदबीयात) ये नज़रिया कि अदब का मक़सद कलाम में मुहासिन लफ़्ज़ी वमानवी पैदा करके लुतफ़ अंदोज़ होना है और अदब बजाय ख़ुद अपना मक़सूद है, जिस से ज़हन का शऊर नशो विनिमा पाता है
अदब बराए-ज़िंदगी
(अबयात) ये नज़रिया कि अदब का मक़सद ज़िंदगी की अक्कासी और पर शोबा-ए-ज़िंदगी के समाजी तक़ाज़ों के मुताबिक़ बेहस करना है. अंग्रेज़ी नक़्क़ाद मेतेहू आरनल्ड से मंसूब अदब का इफ़ादी नज़रिया
'अलामती-अफ़्साना
(अदब) वो कहानी जिस के किरदार, वाक़ियात और मुक़ामात वग़ैरा दोहरी माअनवियत के हामिल हूँ यानी कहानी इस काबिल हो कि मआनी की दो सतहों पर एक बामानी और मरबूत कहानी मालूम हो, मआनी की एक सतह क़ाहिरी होती है जिसे क़ारी समझ सकता है और दूसरी वो जो अलामात की तवज्जीहा-ओ-तावील से वजूद में आती है और मआनी की यही सतहहे जो मक़सूद होती है
कैफ़्या
साहित्य: कविता या गद्य का प्रकार जो रोमांटिक है और मानवीय भावनाओं और मनोदशाओं को व्यक्त करता है।
छप्पा
(अदब-ओ-शेअर) एक सिनफ़ सुख़न यानी छः मिसरों का बंद जो मुख़्तलिफ़ अंदाज़ में लिखा जाता है, कल मिसरे मुक़फ़्फ़ा या हर मिसरा का क़ाफ़िया अलग या दो मिसरे बाहम मुक़फ़्फ़ा और रदीफ़ भी इस्तिमाल कर लेते हैं
तक़्लीब-ए-ख़ंदा-आवर
साहित्य के किसी टुकड़े की शाब्दिक प्रतिलिपि या परिवर्तन जो केवल हास्य पैदा करने के लिए हो,
बुख़्त-ए-नुस्सर
बाबुल के १२ वें खानदान का नरेश (१,२०० ई० पू०) , बाबुल के १९ वे खानदान का दूसरा नरेश जो ६०४ ई० पू० में गद्दी पर बैठा, बड़े दबदबे का शासक था, बाबुल को बहुत उन्नत किया।
बहज़ाद
(लफ़ज़न) नेको ज़ादा, (निरा दिन) शाह इस्माईल सफवी के अह्द में ईरान के एक मशहूर नक़्क़ाश के नाम का रहने वाला और पैर सईद अहमद तबरेज़ी का शागिर्द था और जिस का नाम और काम अदबीयात में तलमेह के तौर पर मुस्तामल है
मुतग़ज़्ज़िल
केवल ग़ज़ल कहनेवाला शायर, जो ग़ज़ल अधिक कहता हो और दूसरी चीजें बहुत कम्, ग़ज़ल कहने वाला, ग़ज़लगो शायर
मरकज़ी-ख़याल
(अदब) वो ख़ास मानी जिसे अदबी इज़हार का रूप देना फ़नकार का मक़सद होता है, इस के लिए अदब पारे को एक दायरा फ़र्ज़ किया जाता है और मक़सद को मर्कज़ क़रार दिया जाता है
मुसज्जा'
अ. वि.—वह बात जो क़ाफ़ियों में हो, सानुप्रास, मुक़फ्फ़ा, (पुं.) एक शब्दालंकार जिसमें शेर के चार टुकड़े करके, तीन टुकड़े सानुप्रास कर दिये जाते हैं, जैसे-"जब वह जमाले दिल फ़रोज़, सूरते मे हेनीमरोज़, आप ही हो नज़ारः सोज़, पर्दे में मुंह छुपाये क्यों”–ग़ालिब । इसमें फ़रोज़, रोज़ और सोज़ के काफ़िए हैं।
मोहमलियात
(अदब) मज़ाह पैदा करने का एक तरीक़ा, अदबी तहरीर का एक अंदाज़ जिस में ग़ैर मंतक़ी या बेसर-ओ-पा बातों के ज़रीये मिज़ाहिया तंज़ पैदा किया जाता है अंग्रेज़ी अदब में इस की मिसाल Limerick है
वहदत-ए-'अमल
(साहित्य) किसी ड्रामे या साहित्यिक रचना में प्लॉट का पूरा और एक होना और उसमें किसी प्रत्यक्ष घटना का शामिल न होना, ड्रामे में एक घटना को पूरी तरह एक ही भाव (हर्ष और ख़ुशी) के साथ प्रस्तुत करना
वहदत-ए-तअस्सुर
(अदब) वो वहदत जो किसी अदब पारे में क़ारी या नाज़िर के ज़हन पर सिर्फ़ एक तास्सुर छोड़े ताकि इस में शिद्दत और गहराई हो, किसी अदबी तख़लीक़ का क़लब-ओ-ज़हन पर यकसाँ असर (नीज़ रुक : वहदत, मानी नंबर ३ )
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