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puling के लिए उर्दू शब्द
puling के देवनागरी में उर्दू अर्थ
विशेषण, क्रिया
- रोने या बिसूरने वाला
puling کے اردو معانی
صفت، فعل
- رونے یا بسورنے والا
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पोलिंग-स्टेशन
وہ جگہ احاطہ عمارت یا کمرہ جس میں انتخابات کے موقع پر رائے دینے والے اپنی رائے کا پرچہ (خفیہ طور پر) راے دہی کے صندوق میں ڈالتے ہیں .
पलंग
एक तरह की बड़ी तथा मजबूत चारपाई जो प्रायः निवार से बुनी होती है, लकड़ी या लोहे से बनी शय्या, खाट, पर्यंक, चारपाई, खटोला, (बेड)
पलंग-तोड़
वह जो प्रायः पलंग पर पड़े-पड़े समय बिताता हो अर्थात् आलसी या निकम्मा, (वो मर्द या औरत) जो पलंग पर पड़े पड़े खाए और कुछ काम धाम न करे, सुस्त, काहिल, निठल्ला, आलसी, निकम्मा
पलंग तोड़ बेला
ऐसा हीला (फूल) जिसकी सुगंध से वर-वधू मस्त हो जाएँ (यहाँ तक कि उनकी संभोग-क्रिया से पलंग टूटने की नौबत आ जाए)
पलंग के बान तोड़ना
۔ (ओ) बेकार बैठे रहना। (फ़िक़रा) अमीर ख़ानम ने कहा कि बीवी में बेख़बर लिए तो जाने की नहीं ना मेरे जाने से कोई काम अटका रहेगा। ख़ाली पलंग पर बैठी चारपाई के बाण तोड़ा करती हूँ
पलंग-पोश
पलंग पर बिछाई जाने वाली चादर, वह कपड़ा जो पलंग पर बिस्तर की हिफ़ाज़त के लिए डाल देते हैं और चारों तरफ़ लटकता या बिस्तर के नीचे दबा रहता है
पलंगड़ी-दार-ता'वीज़
(गोरकनी, क़ब्र खोदने का पेशा) पलंग के आकार का तावीज़ जो क़ब्र पर बनाया जाता है। उसका रूप यह है कि आयताकार आसन सा बनाते हैं और उसके बीच में मिट्टी भर देते हैं
पलंग-मार
कुश्ती का एक दाँव, जिसकी सूरत यह होती है कि जब प्रतिद्वंदी नीचे हो तो सामने से सीधे हाथ की ओर बैठ कर अपने उलटे हाथ से प्रतिद्वंदी का जाँघ बाएँ की ओर ऊपर से पकड़ता है और दाँए हाथ से हरीफ़ की दाहिनी ओर बग़लों से दोनों हाथ निकाल गर्दन जकड़ लेते हैं फिर अपनी दाहि
palingenesis
हयातयात: शख़्सी इर्तिक़ा में आबाई ख़ुसूसीयात का ज़हूर या इआदा, बाज़ आफ़रीनी, आबाई सीरत का इआदा।
निवाड़ी-पलंग
۔(دہلی) مذکر۔ نواڑ کا بنا ہوا پلنگ۔(مراۃ العروس) بیٹیوں کو تو ڈھنگ کے نواڑی پلنگ بھی نہ جڑے۔
सफ़री-पलंग
एक प्रकार की फ़ोल्ड हो जाने वाली चारपाई जो निवाड़ या प्लास्टिक से बनी होती है, पाए एलमोनियम लोहे या कठोर क़िस्म के प्लास्टिक के भी होते हैं
हर बीशा गुमाँ मबर कि ख़ाली सत, शायद कि पिलंग ख़ुफ़्ता बाशद
(शेख़ सादी का शेअर उर्दू में बतौर कहावत मुस्तामल) हर जंगल को ख़ाली मत समझो शायद इस में चीता सोया हो , मुराद : आदमी को हर जगह होशयार रहना चाहिए, ख़तरे की तरफ़ से चौकन्ना रहना चाहिए , किसी शख़्स को नाकारा नहीं समझना चाहिए
संदर्भग्रंथ सूची: रेख़्ता डिक्शनरी में उपयोग किये गये स्रोतों की सूची देखें .
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