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कुछ गिरह में भी है

۔کچھ رقم پاس بھیہے۔ ؎

है हुवाए कुछ भी नहीं

बिलकुल नादार है, बिलकुल मुफ़लिस है

कुछ बसंत की भी ख़बर है

दुनिया की स्थितियों से भी कुछ सूचित हैं, सावधान करने के लिए बोलते हैं

आन में कुछ है, आन में कुछ है

گھڑی بھر میں کچھ ہے گھڑی بھر میں کچھ ہے، متلون مزاج کے متعلق کہتے ہیں

गिरह में कुछ होना

रुपया, धन पास होना, धनी होना, अमीर होना, धनवान होना, मालदार होना

गाँठ गिरह में कुछ नहीं

(दिल्ली) बिलकुल मुफ़लिस है, क़ल्लअश है

कुछ दाल में काला है

किसी छुपी बात का संदेह होना, तह में अवश्य कुछ है जो ज़ाहिर में नहीं

दाल में कुछ काला है

किसी छुपी बात का संदेह होना, तह में अवश्य कुछ है जो ज़ाहिर में नहीं

कुछ दाल में काला काला है

किसी छुपी बात का संदेह होना, तह में अवश्य कुछ है जो ज़ाहिर में नहीं

ठंडा है बर्फ़ से भी मीठा हे जैसे ओला, कुछ पास है तो दे जा नहीं पी जा राह-ए-मौला

सक़्क़ों अर्थात पानी पिलाने वालों की सदा

हमारे मुँह में भी ज़बान है

ہم بھی سوال کا جواب دے سکتے ہیں

जुनून में भी लुत्फ़ है

It is pleasant to go mad.

यहाँ ज़रूर कुछ दाल में काला है

यहाँ कुछ धोखे की बात है

सेर में पौनी भी नहीं कती है

अभी काम का आरंभ है

हमाहमी मुँह में भी ज़बान है

रुक : हमारे भी मुँह में ज़बान है , हम भी इस सवाल का जवाब दे सकते हैं, हम भी बात करने की क़ुदरत रखते हैं

हमारा मुँह में भी ज़बान है

हम भी इस सवाल का जवाब दे सकते हैं, हम भी बात करने की क्षमता रखते हैं

हमाहमी भी मुँह में ज़बान है

हमें भी जवाब देना आता है , रुक : हमारे मुँह में भी ज़बान है

लूट में चर्ख़ा भी ग़नीमत है

मुफ़्त की मामूली चीज़ भी अच्छी लगती है

नीच ज़ातों में अब भी बड़ा ऐका है

निम्न श्रेणी के व्यक्तियों में एकता है

जवानी में गधी पर भी जोबन आता है

युवावस्था की अपनी एक सुन्दरता है, युवावस्था में कुरूप व्यक्ति भी स्वरूप प्रतीत होता है

अभी सेर में पौनी भी नहीं कती है

अभी काम का आरंभ है

जवानी में गधी पर भी जोबन होता है

युवावस्था की अपनी एक सुन्दरता है, युवावस्था में कुरूप व्यक्ति भी स्वरूप प्रतीत होता है

फ़क़ीर की झोली में सब कुछ है

फ़क़ीर के अधिकार में सारा ईश्वरत्व अथवा संसार है

जुवे में बैल भी थक जाता है

मेहनत के काम में मज़बूत भी रह जाता है

गधी भी जवानी में भली लगती है

युवावस्था में कुरूप व्यक्ति भी सुंदर लगता है

अभी सेर में से पौनी भी नहीं कती है

अभी काम का आरंभ है

गधी भी जवानी में भली मा'लूम देती है

जवानी में बदसूरत भी ख़ूबसूरत लगता है

नया धोबी गठरी में भी साबुन लगाता है

दिखावे के लिए ज़्यादा मेहनत करने वाले के मुताल्लिक़ कहते हैं

फ़ाक़ों में हराम भी हलाल हो जाता है

मजबूरी में सब जायज़ हो जाता है

कहीं पत्थर में भी जोंक लगी है

سنگ دل کو رحم نہیں آتا، بد کو نصیحت کا اثر نہیں ہوتا، کنجوس فیاضی نہیں کرسکتا

मुक़द्दर में जो कुछ है हो रहेगा

भाग्य में जो लिखा है ज़रूर होगा, टल नहीं सकता

खोटा पैसा भी बुरे वक़्त में काम आता है

ज़रूरत के वक़्त नाकारा और निकम्मी चीज़ भी काम आ जाती है, किसी वस्तु को निकम्मी समझकर मत फेंको, किसी समय वह भी काम आ सकती है

खोटा पैसा भी बुरे वक़्त में काम आता है

ज़रूरत के वक़्त नाकारा और निकम्मी चीज़ भी काम आ जाती है, किसी वस्तु को निकम्मी समझकर मत फेंको, किसी समय वह भी काम आ सकती है

कुत्ता भी अपने घर में शेर होता है

अहने इलाक़े में हर शख़्स की जुर्रत बढ़ जाती है , हिमायतों को देख कर सब के हौसले बढ़ जाते हैं, अपने ठिकाने पर मौजूद हो तो इंसान का हौसला बढ़ा हुआ होता है

कुत्ता भी अपनी गली में शेर होता है

अहने इलाक़े में हर शख़्स की जुर्रत बढ़ जाती है , हिमायतों को देख कर सब के हौसले बढ़ जाते हैं, अपने ठिकाने पर मौजूद हो तो इंसान का हौसला बढ़ा हुआ होता है

अपनी गली में कुत्ता भी शेर होता है

अपने क्षेत्र में हर व्यक्ति की बहादुरी और साहस बढ़ जाता है, समर्थन मिलने पर कायर भी बहादुर हो जाता है (ऐसे व्यक्ति के लिए बोलते हैं जो दूसरे की हिमायत के बल पर धमकाए या ऐंठे

दस नक्टों में एक नाक वाला भी नक्कू होता है

सौ बुरों में एक नेक आदमी हो तो वो भी बदनाम हो जाता है

सुनार अपनी माँ की नथ में से भी चुराता है

सुनार अपनी माँ को भी ठग लेता है फिर औरों की तो बात ही क्या

डेढ़ पाव चून, नौ बेगारी राह में डर भी है

थोड़ी सी बात के लिए इतनी बड़ी व्यवस्था या छोटी सी बात पर इतना दिखावा, झूठा आडंबर

नक्टों में एक नाक वाला भी नक्कू होता है

सौ बुरों में एक नेक आदमी हो तो वो भी बदनाम हो जाता है

जब कमर में ज़ोर होता है तो मदार साहब भी देते हैं

बेरों फ़क़ीर वन की दुआ का तब ही असर होता है जब अपने आप भी कोशिश की जाये

ये भी कुछ हैं

उनकी भी कोई हैसियत है, ये भी इज़्ज़त और मर्यादा रखते हैं

याद रखो इस बात को जो है तुम में कुछ ज्ञान, साईं जा को हो गया वा का सगर जहान

यदि तुम को ज्ञान है तो ये बात याद रखो कि ईश्वर जिस की तरफ़ है सारा संसार उसकी तरफ़ है

हिन्दी, इंग्लिश और उर्दू में कुछ गिरह में भी है के अर्थदेखिए

कुछ गिरह में भी है

kuchh girah me.n bhii haiکُچھ گِرَہ میں بھی ہے

کُچھ گِرَہ میں بھی ہے کے اردو معانی

  • Roman
  • Urdu
  • ۔کچھ رقم پاس بھیہے۔ ؎

Urdu meaning of kuchh girah me.n bhii hai

  • Roman
  • Urdu

  • ۔kuchh raqam paas bhiihe।

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कुछ गिरह में भी है

۔کچھ رقم پاس بھیہے۔ ؎

है हुवाए कुछ भी नहीं

बिलकुल नादार है, बिलकुल मुफ़लिस है

कुछ बसंत की भी ख़बर है

दुनिया की स्थितियों से भी कुछ सूचित हैं, सावधान करने के लिए बोलते हैं

आन में कुछ है, आन में कुछ है

گھڑی بھر میں کچھ ہے گھڑی بھر میں کچھ ہے، متلون مزاج کے متعلق کہتے ہیں

गिरह में कुछ होना

रुपया, धन पास होना, धनी होना, अमीर होना, धनवान होना, मालदार होना

गाँठ गिरह में कुछ नहीं

(दिल्ली) बिलकुल मुफ़लिस है, क़ल्लअश है

कुछ दाल में काला है

किसी छुपी बात का संदेह होना, तह में अवश्य कुछ है जो ज़ाहिर में नहीं

दाल में कुछ काला है

किसी छुपी बात का संदेह होना, तह में अवश्य कुछ है जो ज़ाहिर में नहीं

कुछ दाल में काला काला है

किसी छुपी बात का संदेह होना, तह में अवश्य कुछ है जो ज़ाहिर में नहीं

ठंडा है बर्फ़ से भी मीठा हे जैसे ओला, कुछ पास है तो दे जा नहीं पी जा राह-ए-मौला

सक़्क़ों अर्थात पानी पिलाने वालों की सदा

हमारे मुँह में भी ज़बान है

ہم بھی سوال کا جواب دے سکتے ہیں

जुनून में भी लुत्फ़ है

It is pleasant to go mad.

यहाँ ज़रूर कुछ दाल में काला है

यहाँ कुछ धोखे की बात है

सेर में पौनी भी नहीं कती है

अभी काम का आरंभ है

हमाहमी मुँह में भी ज़बान है

रुक : हमारे भी मुँह में ज़बान है , हम भी इस सवाल का जवाब दे सकते हैं, हम भी बात करने की क़ुदरत रखते हैं

हमारा मुँह में भी ज़बान है

हम भी इस सवाल का जवाब दे सकते हैं, हम भी बात करने की क्षमता रखते हैं

हमाहमी भी मुँह में ज़बान है

हमें भी जवाब देना आता है , रुक : हमारे मुँह में भी ज़बान है

लूट में चर्ख़ा भी ग़नीमत है

मुफ़्त की मामूली चीज़ भी अच्छी लगती है

नीच ज़ातों में अब भी बड़ा ऐका है

निम्न श्रेणी के व्यक्तियों में एकता है

जवानी में गधी पर भी जोबन आता है

युवावस्था की अपनी एक सुन्दरता है, युवावस्था में कुरूप व्यक्ति भी स्वरूप प्रतीत होता है

अभी सेर में पौनी भी नहीं कती है

अभी काम का आरंभ है

जवानी में गधी पर भी जोबन होता है

युवावस्था की अपनी एक सुन्दरता है, युवावस्था में कुरूप व्यक्ति भी स्वरूप प्रतीत होता है

फ़क़ीर की झोली में सब कुछ है

फ़क़ीर के अधिकार में सारा ईश्वरत्व अथवा संसार है

जुवे में बैल भी थक जाता है

मेहनत के काम में मज़बूत भी रह जाता है

गधी भी जवानी में भली लगती है

युवावस्था में कुरूप व्यक्ति भी सुंदर लगता है

अभी सेर में से पौनी भी नहीं कती है

अभी काम का आरंभ है

गधी भी जवानी में भली मा'लूम देती है

जवानी में बदसूरत भी ख़ूबसूरत लगता है

नया धोबी गठरी में भी साबुन लगाता है

दिखावे के लिए ज़्यादा मेहनत करने वाले के मुताल्लिक़ कहते हैं

फ़ाक़ों में हराम भी हलाल हो जाता है

मजबूरी में सब जायज़ हो जाता है

कहीं पत्थर में भी जोंक लगी है

سنگ دل کو رحم نہیں آتا، بد کو نصیحت کا اثر نہیں ہوتا، کنجوس فیاضی نہیں کرسکتا

मुक़द्दर में जो कुछ है हो रहेगा

भाग्य में जो लिखा है ज़रूर होगा, टल नहीं सकता

खोटा पैसा भी बुरे वक़्त में काम आता है

ज़रूरत के वक़्त नाकारा और निकम्मी चीज़ भी काम आ जाती है, किसी वस्तु को निकम्मी समझकर मत फेंको, किसी समय वह भी काम आ सकती है

खोटा पैसा भी बुरे वक़्त में काम आता है

ज़रूरत के वक़्त नाकारा और निकम्मी चीज़ भी काम आ जाती है, किसी वस्तु को निकम्मी समझकर मत फेंको, किसी समय वह भी काम आ सकती है

कुत्ता भी अपने घर में शेर होता है

अहने इलाक़े में हर शख़्स की जुर्रत बढ़ जाती है , हिमायतों को देख कर सब के हौसले बढ़ जाते हैं, अपने ठिकाने पर मौजूद हो तो इंसान का हौसला बढ़ा हुआ होता है

कुत्ता भी अपनी गली में शेर होता है

अहने इलाक़े में हर शख़्स की जुर्रत बढ़ जाती है , हिमायतों को देख कर सब के हौसले बढ़ जाते हैं, अपने ठिकाने पर मौजूद हो तो इंसान का हौसला बढ़ा हुआ होता है

अपनी गली में कुत्ता भी शेर होता है

अपने क्षेत्र में हर व्यक्ति की बहादुरी और साहस बढ़ जाता है, समर्थन मिलने पर कायर भी बहादुर हो जाता है (ऐसे व्यक्ति के लिए बोलते हैं जो दूसरे की हिमायत के बल पर धमकाए या ऐंठे

दस नक्टों में एक नाक वाला भी नक्कू होता है

सौ बुरों में एक नेक आदमी हो तो वो भी बदनाम हो जाता है

सुनार अपनी माँ की नथ में से भी चुराता है

सुनार अपनी माँ को भी ठग लेता है फिर औरों की तो बात ही क्या

डेढ़ पाव चून, नौ बेगारी राह में डर भी है

थोड़ी सी बात के लिए इतनी बड़ी व्यवस्था या छोटी सी बात पर इतना दिखावा, झूठा आडंबर

नक्टों में एक नाक वाला भी नक्कू होता है

सौ बुरों में एक नेक आदमी हो तो वो भी बदनाम हो जाता है

जब कमर में ज़ोर होता है तो मदार साहब भी देते हैं

बेरों फ़क़ीर वन की दुआ का तब ही असर होता है जब अपने आप भी कोशिश की जाये

ये भी कुछ हैं

उनकी भी कोई हैसियत है, ये भी इज़्ज़त और मर्यादा रखते हैं

याद रखो इस बात को जो है तुम में कुछ ज्ञान, साईं जा को हो गया वा का सगर जहान

यदि तुम को ज्ञान है तो ये बात याद रखो कि ईश्वर जिस की तरफ़ है सारा संसार उसकी तरफ़ है

संदर्भग्रंथ सूची: रेख़्ता डिक्शनरी में उपयोग किये गये स्रोतों की सूची देखें .

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